मेरा बिलासपुर

जब परिजनों ने किया इंकार..कांग्रेस टीम ने किया दो शव का अंतिम संस्कार..विजय ने कहा..प्रशासन का सहयोग मिला..हमने निभाया कर्तव्य..निर्देशों का पालन किया

बिलासपुर—- कोरोना काल में हर तरफ मौत और केवल मौत की खबर है। इसके बीच जब खबर मिलती है कि एक राजनैतिक संगठन के नेताओं ने मौत के बाद ठुकराए गए शव का अंतिम संस्कार का बीड़ा उठाया…आंखे भर आती है। और सिर सम्मान के साथ झुक जाता है। बिलासपुर में शुक्रवार को ऐसा ही कुछ हुआ। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी और महामंत्री शेख निजामुद्दाीन दुलारे ने भय और खौफ को एक तरफ करते हुए दो शव का विधि विधान से अंतिम संस्कार कराया।

                         जानकारी देते चलें कि तोरवा क्षेत्र निवासी सुखदेव साहू मूलतः जिला नरसिंहपुर थाना गाड़रवारा के गांव होईवीर का रहने वाला है। तोरवा थाना क्षेत्र में ही रहकर रोजी मजदूर का काम करता था। एक्सीडेन्ट के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। उपचार के दौरान पता चला कि सुखदेव कोरोना संक्रमित है। और एक दिन खबर तोरवा थाना को खबर मिली कि सुखदेव की मौत हो गयी है। परिजनों की काफी खोज खबर के बाद थाना की महिला आरक्षक ने जिला कांग्रेस कमेटी हेल्प डेस्क से सहोयग मांगा। हेल्प डेस्क में उस समय विजय केशरवानी और दुलारे यानि शेख निजामुद्दीन अपनी टीम के साथ मौजूद थे।

                   जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी और महामंत्री शेख निजामुद्दीन ने नरसिंहपुर जिला स्थित सुखदेव के गांव फोन कर परिजनों से सम्पर्क किया। परिजनों ने सुखदेव की मौत पर दुख तो जाहिर किया। लेकिन शव लेने से इंकार कर दिया। उन्होने  अंतिम संस्कार से भी मना कर दिया। इसके बाद विजय केशरवानी ने अपनी टीम के साथ सुखदेव के अंतिम संस्कार का फैसला किया। 

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                घटना के दूसरे दिन यानि शुक्रवार को जिला अस्पताल में सुखदेव का पीएम किया गया। इसी दौरान विजय और दुलारे को जानकारी मिली कि दयालबन्द निवासी पेशे से मजदूर अशोक आजमानी के शव को उसके परिजनों ने लेने से इंकार कर दिया है। जबकि उसका पोस्टमार्टम भी हो चुका है। फिर भी परिजनों ने अंतिम संस्कार करने को लेकर हाथ उठा दिया है।

              फिर क्या था विजय केशरवानी और उनकी टीम ने अशोक आजमानी के अंतिम संस्कार का भी बीड़ा उठाया। दोनों शव का पोस्टमार्टम डॉ.उइके ने किया। 

                 जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने बताया कि इस दौरान जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद महाजन और डॉ. अनिल गुप्ता का टीम को विशेष सहयोग मिला। खासकर एसडीएम देवेन्द्र पटेल ने पूरी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए शव वाहन से लेकर अन्य प्रकार की परेशानियों को ना केवल दूर किया। बल्कि प्रशासन की तरफ से दोनों शव के अंतिम संस्कार में हर संभव मदद किया।

            पोस्टमार्टम से लेकर मुक्तिधाम तक तोरवा थाना स्टाफ और खासकर थाना प्रभारी परिवेष तिवारी का भी सहयोग मिला। सरकन्डा स्थित मुक्तिधाम पहुंचकर दोनों शव को कफन दफन किया गया।  इसमें जिाल कांग्रेस महामंत्री दुलारे की भूमिका सराहनीय रही।

             विजय ने बताया कि दो दिन पहले ही प्रदेश के मुखिया और पीसीसी अध्यक्ष के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिला और शहर कांग्रेस कार्यालय में कोरोना हेल्प डेस्क सेन्टर खोला गया है। सीएम के निर्देश पर सेन्टर स्थापित कर टीम को फरियादियों की हर प्रकार से सहयोग का निर्देश दिया गया है। पहले ही दिन टीम के सामने नरसिंहपुर के सुखदेव और दूसरे दिन अशोक आजमानी का मामला सामने आया। दोनो ही रोजी मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का पेट पाल रहे थे।

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                मौत के के बाद कोरोना संक्रमण की खबर के चलते परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। फिर कांग्रेस टीम ने  दोनों के अंतिम संस्कार का बीड़ा उठाया। सारी प्रक्रिया के बाद शव को मुक्तिधाम में कफन दफन किया गया।

                विजय ने कहा कांग्रेस पार्टी देश की मिट्टी से प्यार करती है। पार्टी का नाता देश के एक एक परिवार से है। इसमें गांधी की नीति है और नेहरू के सिद्धान्त समाहित है। हमारे मुखिया भूपेश बघेल ने बार बार कहा है कि कांग्रेस मतलब सेवकों की पार्टी और हमने आज वही किया है।

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