जब एसईसीएल प्रमुख ने कहा..सुखद संयोग..स्थापना काल से दोनो ने किया तेजी से विकास..शान से मनाया गया राज्य निर्माण दिवस..फहराया झण्डा

बिलासपुर—-एसईसीएल में ’’कोल इण्डिया स्थापना और ’छत्तीसगढ़ राज्य’’ निर्माण दिवस को शान से मनाया गया। इस दौरान सभी लोगों ने कोरोना काल के लिए जारी शासन के दिशा निर्देशों का भी पालन किया। उपस्थित लोगों को एसईसीएल के सीएमडी ए.के.पण्डा ने किया।
 
             छत्तीसगढ़ की संस्कृति हमें सद्भाव एवं मेहनत सिखाती है। कोलइण्डिया हमें देश के विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने के लिए प्रेरित करता है। यही कारण है कि एसईसीएल पूर्ण सद्भाव के साथ देश की कोयला आवश्यकताओं को पूर्ण करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह बाते कोल इण्डिया के साथ साथ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस’’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ए.पी. पण्डा, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक ने कही।
 
        कार्यक्रम का आयोजन एसीईसीएल  मुख्यालय स्थित  प्रशासनिक भवन स्थित प्रांगण में किया गया। इस अवसर पर सीएमडी ने सभी को प्रबंधन की तरफ से  शुभकामनाएँ दी। अपने संबोधन में पण्डा ने कहा कि सुखद संयोग है कि कोलइण्डिया और छत्तीसगढ़ राज्य का स्थापना दिवस 1 नवंबर को है। यह भी सुखद संदेश है कि स्थापना के बाद दोनों ही दिन-प्रतिदिन तेजी से विकास कर रहे हैं। पुष्पित-पल्लवित हो रहे हैं। 
 
                 सीएमडी ने बताया कि एसईसीएल ने अपने राज्य के विकास और कर्मियों के साथ आश्रितों के जीवनस्तर को उठाने के लिए कोई कसर नहीं छो़डा है। प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि एसईसीएल प्रमुख ने कहा कि कम्पनी हमेशा की तरह छत्तीसगढ़ राज्य के विकास में अपनी सामाजिक जवाबदेही का निर्वाह करता रहेगा। 
 
                   कार्यक्रम की शुरूआत में मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक ए.पी. पण्डा, मुख्य सतर्कता अधिकारी बी.पी. शर्मा, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) एम.के. प्रसाद, निदेशक (वित्त) एस.एम. चौधरी, महाप्रबंधक (कार्मिक/प्रशा.) ए.के. सक्सेना ने दिवंगत श्रमवीरों के सम्मान में ’’शहीद स्मारक’’ पर पुष्पचक्र अर्पित किया। सभी अतिथियों ने ’’डाॅ. भीमराव अम्बेडकर’’ और ’’खनिक प्रतिमा’’ पर माल्यार्पण किया। 
 
             इस अवसर पर मुख्य अतिथि  ए.पी. पण्डा, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक ने कोलइण्डिया ध्वज फहराया गया। ध्वजारोहण के साथ कोलइण्डिया काॅरपोरेट गीत बजाया गया। छत्तीसगढ़ के माटी के प्रति आदर व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि, विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रमसंघ प्रतिनिधियों, सिस्टा प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की माटी, मानचित्र, हल और धान की बाली की पूजा अर्चना की।
 
                पूरे कार्यक्रम के दौरान अतिथियों समेत उपस्थित सभी लोगों ने शासन के दिशा निर्देशों का पालन किया। कोरोना से बचने सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष रूप से पालन किया गया।

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