अब क्यों चिंतित हैं शिक्षक और उनके परिजन ..? जानिए उस प्रक्रिया की हकीकत और शिक्षकों की पदोन्नति / तबादले का पूरा गणित, क्यों सुलग रहा है असंतोष ..?

सूरजपुर(मनीष जायसवाल)स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेम सिंह टेकाम के ठीक नाक के नीचे शिक्षको में असंतोष का विद्रोह पनप रहा है। जिसकी आग पूरे संभाग में सुलग रही है।जिसकी बड़ी वजह शिक्षक आंदोलन के दौरान का लंबित वेतन और शिक्षक व सहायक शिक्षको की पदोन्नति की प्रक्रिया में संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सरगुजा संभाग की कार्य शैली को बताई जा रही है।शहरी कम ग्रामीण बाहुल्य इस संभाग में 2018 के सभी 14 विधानसभा क्षेत्र में काग्रेस ने जीत दर्ज कर कर इसे अपना गढ़ बना चुकी है।संभाग के अधिकांश शिक्षक स्थानीय निवासी है। जो स्थानीय ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते है। विभाग की मनमानी नीतियों के चलते इस गढ़ का एक बड़ा कर्मचारी वर्ग नाराज होंने के काफी करीब है …!

छत्तीसगढ़ संयुक्त शिक्षक संघ, सहायक शिक्षक फेडरेशन और अब शालेय शिक्षक संघ ने शिक्षक व प्रधान पाठक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला की पदोन्नति प्रक्रिया को काउंसलिंग से किये जाने को लेकर मोर्चा खोल दिया है…।विरोध की बड़ी वजह पद को लेकर बड़े लेनदेन की आशंका बताई जा रही है। इस कार्यालय की कार्यप्रणाली भी ऐसी बन रही है कि अब तक रिक्त पदों को सार्वजनिक नही किया है। जबकि दूसरे संभाग में ऐसा नही है। शिक्षको को यह भी जानकारी नही है कि कितने पदों पर पदोन्नति और कहाँ पर होने वाली है। शिक्षको को यह पदोन्नति कम तबादला अधिक लग रहा है। तबादले का खेल … खास को दूर से पास…. और आम को पास से दूर … पदस्त करने की उड़ती खबरों से पदोन्नत होने वाले शिक्षक तनाव में है। जिसकी वजह से शिक्षको के परिजन भी चिंतित है।चर्चा में उनकी भड़ास सुनाई देती है।

पदोन्नति की प्रक्रिया में होने वाले कथित उलटफेर को भांपते हुए शिक्षक नेता वीरेंद्र दुबे के नेतृत्व वाला शालेय शिक्षक संघ की सूरजपुर इकाई हक की आवाज को बुलंद करने के लिए खड़ी हो गई है।सुरजपुर जिला अध्यक्ष यादवेन्द्र दुबे का कहना है कि पदोन्नति के बाद पदस्थापना को लेकर छत्तीसगढ़ शासन ने स्पष्ट मार्गदर्शन दिया हुआ है ,उसका पालन होना चाहिए …! जिसमें कहा गया है कि पदोन्नति के लिए प्रथम विकासखंड को महत्व दिया जाए। तथा द्वितीय विकासखंड में एक भी पद रिक्त न होने की स्थिति में जिला के अंदर के स्कूलों में पदस्थापना के स्पष्ट निर्देश है।हमारी मांग है कि इस प्रक्रिया को काउंसलिग के माध्यम से किया जाना चाहिए जिससे आम शिक्षक को पारदर्शिता लगेगी।इस प्रक्रिया में कोई भी आम और खास नही होगा सभी समान होंगे ।

यादवेन्द्र ने सीजीवाल को बताया कि हम शिक्षा विभाग की जड़ है । और नही चाहते कि कोई हमारे विभाग की पदोन्नति की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और लेनदेन के आरोप लगाए।इस लिए सब कुछ सार्वजनिक होना चाहिए। जिसका काउंसलिंग ही एक मात्र श्रेष्ठ उपाय है।इसी से पूर्ण पारदर्शिता के साथ पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों की पदस्थापना हो सकती है।

शालेय शिक्षक संघ सूरजपुर के जिला अध्यक्ष यादवेन्द्र दुबे ने बताया कि किसी करण वश कार्यालय संयुक्त संचालक ,लोक शिक्षण सरगुजा काउन्सलिंग नहीं कर पाता तो फिर पदस्थापना के लिये नियमो से मेल खाते चार चरण का पालन किया जाना चाहिये ।जिससे शिक्षक को पदोन्नति तबादले कि पीड़ा न लगे और उस पीड़ा से शिक्षक परिवार दुखी न हो इस लिए सबसे पहला क्रम अपनाया जाये कि … संकुल के रिक्त पदों को वरीयता क्रम में उसी संकुल के पदोन्नत शिक्षकों से भरा जाये…! दूसरा क्रम में .. संकुल में रिक्त पद न होने की स्थिति में उसी विकासखंडवार पदस्थापना दिया जानी चाहिए …! तीसरा .. विकासखंड में रिक्त पद न होने की स्थिति में जिलावार पदस्थापना किया जाये …! चौथा.. “जनशिक्षकों” की पदस्थापना उसी स्कूल या कार्यरत संकुलों में ही सुनिश्चित किया जावे ।

शनिवार को शालेय शिक्षक संघ सूरजपुर ने संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सरगुजा संभाग को जो ज्ञापन सौंपा है और चेतावनी दी है कि हमने सौंपे ज्ञापन में प्रमुखतः से मांग रखा गया हैं
मांग अनुरूप पदस्थापना न होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ,जिला इकाई सूरजपुर चरणबद्ध आंदोलन , घेराव,भूख हड़ताल,अनशन करने को बाध्य होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सरगुजा संभाग की होगी ।संघ के जिलाध्यक्ष यादवेन्द्र दुबे ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के मंशानुरूप संयुक्त संचालक कार्यालय सरगुजा बड़ी तेजी से प्रक्रिया को संपादित कर रहा है।पर सब अधूरा लग रहा है। इस लिए हम भविष्य के आंदोलन की सूचना और ज्ञापन की प्रति आवश्यक कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन,शिक्षामंत्री, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग,संचालक लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर,संभागायुक्त सरगुजा,कलेक्टर सूरजपुर,पुलिस अधीक्षक सूरजपुर, जिला शिक्षा अधिकारी सुरजपुर को प्रेषित कर दी गई है।

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