शिक्षाकर्मियों को क्यों रास नहीं आ रहा भूपेश कैबिनेट का फैसला.?पढ़िए-संगठन ने दिए कौन-कौन से सुझाव

बिलासपुर।अध्यक्ष वरिष्ठ शिक्षा कर्मी संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अजय उपाध्याय ने एक प्रेस नोट जारी कर 22 नवम्बर को हुई।कैबिनेट बैठक मे शिक्षा कर्मियों के लिए निर्णय किसी भी संगठनों को रास नही आ रहा । इस निर्णय से छत्तीसगढ़ के शिक्षा कर्मियों की समस्या संविलयन के बाद भी ज्यों का त्यों बनी रहेगी। इसमे लाभ का हानि ज्यादा है। शिक्षा कर्मियों को संविलियन के बाद नियमित शिक्षक एलबी बनने के बाद उम्मीद थी कि पंचायत काल की व्यवस्था स्कूल शिक्षा विभाग में सुधरेगी पर ऐसा होता नही लग रहा है। अजय उपाध्याय का कहना है कि सरकारी तंत्र इस मामले में खोदा पहाड़ निकली चुहिया को चरितार्थ करते हुए पहले तो सहायक शिक्षक एल बी की वेतन विसंगतियों मे आवश्यक सुधार करते हुए वेतन पुनरीक्षण कराने के लिए कमेटी बनाई ।

एक बैठक के बाद कैबिनेट मे इसे ले जाकर यह सिद्ध करने का प्रयास किया गया कि पदोन्नति के लिए पांच साल की अवधि मे शिथिलता लाते हुए तीन साल मे पदोन्नति देने का निर्णय लिया गया है ।इसमे भी तकनीकी समस्या है कि पदोन्नति राज्य के सभी शिक्षा कर्मियों को नही दिया जा सकता और न ही उतनी पदोन्नति के लिए संख्या है ।

अजय का कहना है कि शिक्षा कर्मियों मे 25-25 साल से सेवारत वरिष्ठता के स्थान पर महज तीन साल मे पदोन्नति देने की योजना किसी को रास नही आ रहा है। कुछ पदों पर पदोन्नति देकर सरकार छीछालेदर कर सभी शिक्षा कर्मियों जो अब एलबी संवर्ग के शिक्षक बन गए है उन्हें को राहत नही दे पाएगी।शिक्षक नेता अजय उपाध्याय ने बताया कि अभी हाल मे ही वेतन विसंगतियों पर कमेटी की पुनः बैठक आयोजित होने जा रही है।अब शासन प्रशासन के सामने चुनौती है कि कैबिनेट की बैठक का पालन हो तथा वेतन विसंगतियों को ठंडे बस्ते मे डाले या कोई नया हल निकालने के लिए प्रयास जारी रखे।

इस संबंध मे वरिष्ठ शिक्षा कर्मी संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अजय उपाध्याय ने पांच बिंदुओं पर उपाय सुझाया है ।
1-तीन साल मे पदोन्नति के स्थान पर वरिष्ठतानुसार पदोन्नति दे।
2-तीन साल मे पदोन्नति के स्थान पर तीन साल मे क्रमोन्नति दे।
3-सन् 2004के पूर्व नियमित किए जा चुके शिक्षा कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू हो।
4- सेवावधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से किया जावे।
5-अनुकम्पा नियुक्ति नियम शिथिल करते हुए परिजनों को नियुक्ति उपरांत टीईटी व डी एड पांच साल की अवधि मे पूरा करने प्रावधान हो।

शिक्षक नेता अजय उपाध्याय का कहना है कि बहुत से शिक्षा कर्मी भी पांच से दस सालों में रिटायर होने वाले है। हमने गरीबी में भी शिक्षा की ज्योति जला कर रखी है। राज्य सरकार सभी मानवीय पहलुओं पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए प्रदेश के सभी शिक्षक संघो के मंत्रणा कर ठोस निर्णय ले जिनसे शिक्षक कम से कम अपना आर्थिक स्तर सुधार सके।

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