धरमलाल ने क्यों कहा..भाजपा प्रतिक्रियावादी नहीं .प्रतिसाद देने वाली पार्टी..पढ़ें खबर.और क्या कहा

बिलासपुर— भारतीय जनता पार्टी तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग का समापन 19 जून रविवार को हुआ। तीन दिवसीय कार्शाला का आयोजन तिफरा स्थित झूलेलाल मंगलम में किया गया। कार्यशाला के तीसरे दिन  समापन सत्र को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने संबोधित किया। इस दौरान धरमलाल कौशिक ने भाजपा के इतिहास और विकास पर प्रकाश डाला। उन्होने कार्यकर्ताओं को बताया कि भारतीय जनता पार्टी के विकास को तीन चरणों में विभाजित किया जा सकता है।
                    अपने संबोधन में धरमलाल कौशिक ने कार्यकर्ताओं को बतया कि भाजपा का पहला चरण जनसंघ के रूप में है। दूसरा चरण 1977 से 2004 के बीच गठबंधन की राजनीति में  प्रमुख साझेदार के रूप में तीसरा चरण साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई एकल बहुमत वाली पार्टी के रूप में  है।
            धरमलाल ने बताया कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी  ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दूसरे सरसंघचालक गुरूजी से मुलाकात के बाद जनसंघ का गठन किया।  प्रथम आम चुनाव में जनसंघ को 3.06 प्रतिशत वोंट मिले। डॉ.मुखर्जी सहित तीन सांसद चुनकर संसद पहुंचे। भारतीय जनसंघ का पहला सम्मेलन 29 से 31 दिसम्बर 1952 कानपुर में हुआ। पं.दीनदयाल उपध्याय भारतीय जनसंघ के महासचिव बने। 1962 में 14 सांसद  चुने गए। वोट प्रतिशत बढ़कर 6.44 प्रतिशत पहुॅचा।
              जनसंघ के इतिहास में वर्ष 1964 मील का पत्थर साबित हुआ। 13 फरवरी 1968 को अटल बिहारी वाजपेयी जनसंघ के अध्यक्ष चुने गए। 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी का पंच निष्ठाओं के आधार पर गठन किया गया। 1996, 1998 और 1999 के तीन लोकसभा चुनाव हुए।  भाजपा सबसे बड़ी एकल पार्टी के रूप में उभरी। अटल बिहारी वाजपेयी 13 दिनों तक प्रधानमंत्री रहे, फिर 13 महीने और उसके बाद साढे चार साल एनडीए का शासन था।
              2014 में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार देश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी,। भाजपा ने 303 सीटों और एनडीए ने 353 सीटों पर विजय प्राप्त किया। नरेन्द्र मोदी 30 मई 2019 को दूसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बने। कौशिक ने कहा कि भाजपा ने अनुच्छेद 370 खत्म किया।  तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने का कानून बनाया। राम मंदिर का शिलान्यास भी किया गया।
         2019 में पुनः भाजपा पहले से अधिक मत प्राप्त कर विजयी हुई। भारतीय राजनीति का रंग बदल गया। अब हम केवल प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले नही बल्कि  स्थितियों को प्रतिसाद देने वाले है। कौशिक ने बताया कि 2014 की युगांतकारी घटना को अपने निष्कर्ष तक पहुॅचाया है। 

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