मेरा बिलासपुर

बिना शिक्षक…कुछ भी संभव नहीं..सम्मान समारोह में बोले अतिथि..विकास का मतलब शिक्षा और शिक्षक

बिलासपुर– शिक्षक दिवस पर जिले में जगह जगह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचरी संघ ने शिक्षक दिवस पर शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया। अथितिथियों के हाथों सेवानिवृत शिक्षकों के साथ ही अपने क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। 
 
        छत्तीसगढ़ तृतीय कर्मचारी संघ ने जल संसाधन विभाग स्थित प्रार्थना सभा भवन में शिक्षकों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। कर्मचारी स्नेह सम्मेलन में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सेवानिवृत्त 110 और समारोह में उपस्थित सभी शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय, संभागीय शिक्षा कार्यालय उप संचालक एस.के.प्रसाद, समाज सेविका ऋतु पाण्डेय, सेवानिवृत्त शिक्षक और सामााजिक कार्यकर्ता संतोष कौशिक, वरिष्ठ पत्रकार और सीजी वॉल के प्रधान संपादक रूद्र अवस्थी बतौर अतिथि शामिल हुए।
 
               , छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर कल्याण श्रम के प्रांताध्यक्ष आर.पी.शर्मा, ट्रेड यूनियन काउंसिल के अध्यक्ष पी.आर. यादव, छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ और  प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा विशेष रूप से मौजूद होकर शिक्षकों का सम्मान किया। 
 
                       सभी अतिथियों ने शिक्षकों को संबोधित किया। अतिथियों ने बताया कि सिर्फ शिक्षक ही बेहतर सामाज का निर्माण कर सकता है। और वह यह काम सनातन काल से कर रहा है। शिक्षकों की भूमिका बच्चों के भविष्य गढ़ने के साथ ही देश तथा समाज के निर्माण में सर्वाेपरी है। यही कारण है कि हमारी परम्पराओं में गुरूओं का दर्जा भगवान से ऊपर है।
 
                  शिक्षक सक्रिय रूप से नवाचार के लिए प्रेरित होते है तो शिक्षा प्रणाली को नई दिशा और दशा मिलती है। देश और समाज का तेजी से विकास होता है। अतिथियों ने यह भी बताया कि शिक्षक और शिक्षा के बिना प्रगतिशील और विकसित देश की कल्पना अंसभव है। 
 
                                 इस दौरान छत्तीसगढ़ तृतीय कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष पी.आर.कौशिक,  कार्यक्रम आयोजन समिति के अध्यक्ष देवेन्द्र पटेल,चंद्रशेखर पाण्डेय, देवेन्द्र ठाकुर, श्रीकांत मिश्रा,  सुमन पाण्डेय, लवकांत द्विवेदी समेत बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित थे।

स्मृति शेष:जीवटता–कर्मठता की मिसाल बनकर यादों में हमेशा ज़िंदा रहेंगे...सुरेश केडिया
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