आरोप की सफाई देने पहुंची महिला बाल विकास की पर्यवेक्षिकाएं..कोटा जनपद पंचायत सभापति पर थोपा गंभीर आरोप..बताया.देर रात करता है चैट

बिलासपुर— जनपद पंचायत कोटा महिला बाल विभाग समिति के खिलाफ महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षिकाएं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाया है। कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सभापति कन्हैया गंधर्व पर देर रात चैट करने और ब्लैकमेल किए जाने की शिकायत की है। महिलाओं ने बताया कि सभापति कन्हैया गंधर्व चंदा के लिए लगातार दबाव बना रहा है।
 
आरोप के खिलाफ गंभीर आरोप
 
             जानकारी देते चलें कि जनपद पंचायत महिला बाल विकास समिति के सभापति कन्हैया गंधर्व ने विभाग और महिला कार्यकर्ताओं पर प्रेस कांफ्रेंस कर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कन्हैया ने पत्रकारों को बताया था कि रीड टू ईट में भ्रष्टाचार का भारी भरकम खेल हो रहा है। बच्चों को आंगनबाड़ी के माध्यम से घटिया भोजन परोसा जा रहा है। आरोप के खिलाफ महिलाओं ने आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर गन्धर्व पर ब्लैक मेलिंग और देर रात चैट करने के साथ धमकाने का आरोप लगाया है। 
 
                गन्धर्व के आरोपों को खारिज करते हुए महिला पर्यवेक्षको समेत कार्यकर्ताओं ने बताया कि सभापति कन्हैया गंधर्व  ने नवम्बर 2021 मे सम्मान राशि की मांग किया था।  मामले की जानकारी से कार्यालय को अवगत कराया गया था। लेकिन राशि दिए जाने की असमर्थता जाहिर किए जाने के बाद कन्हैया गंधर्व ने झुठे आरोप लगाना शुरू कर दिया। अब नौकरी से हटाने की धमकी देता है।
 
आरोप लेकिन बातचीत से इंकार
 
               महिला पर्यवेक्षकों ने कैमरा के सामने सीधे तौर बातचीत नहीं करते हुए कार्यकर्ताों के माध्यम से पत्रकारों को बताया कि सभापति ने जनवरी 2022 में सभी पर्यवेक्षको पर अनाधिकृत रूप से रेडी टू ईट में मिश्रण कार्य का दबाव बनाया। मांग पत्र की मांग की जाती है। इस प्रकार की गतिविधियों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं समेत पर्यवेक्षिकाओं में दहशत है। जिससे शासकीय काम प्रभावित हो रहा है। जाहिर सी बात है कि शासन की योजनाओ का संचालन में परेशानी हो रही है।
 
                 महिलाओं ने आरोप लगाया कि सभापति  पद का रौब दिखाते हुए समिति की महिला सदस्यो को साथ नहीं ले जाकर बाहरी  लोगों के साथ शाम  5 बजे के बाद आंगनबाडी केन्द्र  का मुआयना करने जाते हैं। लोगों के घर पहुंचकर खिलाफ में बोलने को कहते हैं। जेल भेजने की धमकी और अमर्यादित टिप्पणी भी करते हैं।
 
कार्रवाई की मांग
 
                               सभापति के इस व्यवहार से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता परेशान और आतंकित हैं। कन्हैया गंधर्व  र्यवेक्षको को देर रात मोबाईल पर चैट कर जेल भेजने की धमकी देते हैं। सभापति के इस व्यवहार से महिलाओं में डर है।देर रात चैट से सामाजिक और पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है। महिला बाल विकास समिति के सभापति कन्हैया गंधर्व के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है। 
 
कहीं साजिश तो नहीं
 
                  अन्दर से मिली जानकारी को सही माने तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ओर पर्यवेक्षिकाओं को सुनियोजित तरीके कन्हैया के आरोप को खण्डित करने कलेक्टर कार्यालय भेजा गया। सच्चाई तो यह है कि रेडी टू ईट में जमकर धांधली हो रही है। संभव है कि सभापति सही हो या गलत। बावजूद इसके कमीशनखोरी के चलते जिम्मेदार लोगों का मुंह बन्द है। इसलिए कीचड़ से कीचड़ की धुलाई का प्रयास किया जा रहा है।

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