मानव सेवा की अद्भुत मिसाल..मरने के बाद देहदान ..संतोष की वसीयत ने बढ़ाया परिवार का सम्मान

बिलासपुर (रियाज़ अशरफी।  श्री चंद्रपुरिहा कसौंधन वैश्य गुप्ता समाज सीपत के प्रतिष्टित व्यक्ति संतोष कुमार गुप्ता की मृत्यु के बाद परिजनों ने अंतिम संकल्प को पूरा किया। मंगलवार को परिजनों ने संतोष के इच्छानुसार सिम्स मेडिकल कॉलेज को देहदान की प्रक्रिया पूरी कर शरीर को समर्पित किया। अब संतोष का देह मेडिकल कॉलेज के छात्रों के अध्ययन के प्रयोग में आएगा।
 
            सीपत निवासी स्व जगदीश प्रसाद गुप्ता के बड़े पुत्र बीमाअभिकर्ता संतोष गुप्ता की 53 साल की उम्र में  27 जून सोमवार को सुबह मुंबई में इलाज के दौारन निधन हो गया। मंगलवार को अंतिम दर्शन के लिए संतोष के पार्थिव शरीर का सीपत लाया गया। पुराना बस स्टैंड स्थित उनके निवास से  नवाडीह चौक तक अंतिम यात्रा निकाली गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में गांव और आसपास के लोग शामिल हुए। इसके  बाद सिम्स मेडिकल कॉलेज बिलासपुर पहुचकर परिजनों ने कानूनी प्रक्रिया पूर्ण कर संतोष की शरीर मेडिकल कॉलेज के हवाले किया।
 
          संतोष गुप्ता के बड़े पुत्र शुभम गुप्ता ने बताया कि पिता ने मृत्यु के पहले समाज के बीच मानव कल्याण , चिकित्सा शोध और किसी व्यक्ति के जीवन बचाने के उद्देश्य से अपने शरीर को मेडिकल कॉलेज में दान का संकल्प लिया था। ताकि उनके मरने के बाद मेडिकल के छात्र शरीर का शोध कर जरूरतमंद लोगों की सेवा कर सकें।
 
            उनकी सोच थी कि मेडिकल कॉलेज के छात्र मृत शरीर से अपना ज्ञान अर्जित कर दूसरों की जान बचा सकें। इससे बड़ा पुण्य क्या होगा। वह हमेशा सबसे निवेदन करते थे कि ब्लड डोनेट के साथ साथ देहदान भी करें।  ताकि छात्रों को फायदा मिल सके।
 
                  मृतक के ममेरे भाई बांके बिहारी गुप्ता ने बताया कि अब प्रतीक रूप मे  अन्तिम संस्कार की सभी रीति-रिवाज पूर्ण किये जायेंगे।  जानकारी देते चलें कि चिकित्सा शोध के लिए दिया जाने वाला देहदान महान कार्य है। अपने शरीर का दान करना बहुत बड़ा दान है। इस दान से समाज को निश्चित ही एक नई प्रेरणा मिलेगी। उनके तीन पुत्र शुभम गुप्ता सत्यम गुप्ता और सरगम गुप्ता है। हाल ही में तीन महीने पहले ही  संतोष के पिता का स्वर्गवास हुआ है।
 
 
 

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