सरकार गुड गवर्नेस में फेल…कोर्ट को दिलाना पड़ रहा याद…जनता कांग्रेस प्रवक्ता ने मांगा इस्तीफा

बिलासपुर—जिस सरकार के राज्य में मूलभूत सुविधाओं के लिए जनता को त्रस्त होना पड़े। जनता की समस्याओं का समाधान न हो । पानी ,बिजली और बेहतर स्वास्थ्य के लिए तरसना पड़े। जनता को मूल सुविधाओं के लिए  बार बार कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़े। ऐसे सरकार को नैतिक आधार पर हट जाना चाहिए। यह बात जनता कांग्रेस नेताओं ने कही है। प्रेस नोट जारी कर प्रदेश प्रवक्ता मणिशंकर पाण्डेय ने यह जानकारी दी है।

                  प्रेस नोट जारी कर जनता कांग्रेस प्रवक्ता मणिशंकर ने बताया कि सरकार की निष्क्रियता की वजह से जनता को पानी बिजली, सड़क, स्वास्थ्य के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। उच्च न्यायालय को याद दिलाना पड़ रहा है कि सरकार की जिम्मेदारी क्या है। ऐसी सरकार को रहने का कोई अधिकार नहीं है।

              जनता कांग्रेस नेता ने बताया कि राजधानी रायपुर में मोवा इलाके के नहरपारा क्षेत्र में पीलिया के बढ़ते प्रकोप पर रायपुर नगर निगम ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को दो दिनों में क्षेत्र के लोगो को शिफ्ट करने का आदेश दिया । जबकि उच्च न्यायालय की तरफ से गठित टीम ने दौरा किया था। स्वास्थ्य शिविर में लगभग 225 लोगो की जांच के बाद 105 में पीलिया मिलने की संभावना बताई गई थी ।

                     राज्य सरकार पर राजधानी रायपुर के नहरपारा में पीलिया से हुई 6 मौतों पर उच्च न्यायालय से फटकार के बाद जनता कांग्रेस जे प्रदेश प्रवक्ता मणिशंकर पान्डेय ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। पाण्डेय ने कहा की यदि सरकार में थोड़ी सी भी नैतिकता बची हो तो इस्तीफा दे दे। जो सरकार जनता को मूलभूत सुविधाएं मुहैया न करा  सके उसे पद पर बने रहने का एक मिनट भी का अधिकार नहीं है।

              मालूम हो कि राजधानी रायपुर के नहरपारा क्षेत्र में पीलिया का प्रकोप फैला हुआ है। 6 लोगो की मौत भी हो चुकी है।  छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को क्षेत्र में ठीक से व्यवस्था करने निर्देश भी दिया था। क्षेत्र में रहने वाले लोगो को तत्काल किसी दूसरे क्षेत्र में शिफ्ट करने का आदेश भी कोर्ट ने दिया था। ताकि बीमारी और मौत के बढ़ते प्रकोप पर अंकुश लगाया जा सके। शर्म की बात है कि पीलिया जैसी बीमारी के जतन के लिए हाईकोर्ट को दखल देना पड़ रहा है ।

               राजधानी रायपुर के नहरपारा को खाली कराने का आदेश माननीय हाईकोर्ट के फैसले ने पूरी कर दी है । यहां खुद  मुखिया और मंत्री मंडल निवास करता हैं। ऐसे स्थान पर स्वास्थ्य की स्थिति इतनी दयनीय है कि उच्च न्यायालय को बोलना पड़ रहा है कि सरकार ठीक से व्यवस्था करें । इससे जाहिर होता है कि भाजपा सरकार के दिन पूरे हो गए हैं । ऐसे में अब तो मुख्यमंत्री और पूरे मंत्रिमंडल को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।

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