अब नॉन कोर सेक्टर को प्राथमिकता:मुख्यमंत्री

mou♦खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स

♦इंजीनियरिंग क्षेत्र में लगेंगे उद्योग

                                       रायपुर।मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, कोयले के मूल्य संवर्धन और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सात बड़ी कम्पनियों के साथ समझौता ज्ञापनों (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौता के अनुसार निवेश कम्पनियों द्वारा छत्तीसगढ़ में लगाए जाने वाले उद्योगों लगभग 236 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश होगा और लगभग दो हजार स्थानीय युवाओं को रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक-इन-इंडिया’ अभियान को सफल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयास लगातार जारी हैं।राज्य में नवीन पूंजी निवेश का एक उत्साहजनक वातावरण बना है। डॉ. सिंह ने कहा कि आज किए गए एम.ओ.यू. प्रधानमंत्री के मेक-इन-इंडिया अभियान को सफल बनाने की दिशा में उत्प्रेरक साबित होंगे।

                         मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में जिन कम्पनियों ने राज्य सरकार के साथ एम.ओ.यू. किया, उनमें से खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में मेसर्स एस्क्वायरफूड्स एंड बेवरेजेस कम्पनी द्वारा 25 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश किया जाएगा। यह कम्पनी मसाला प्रसंस्करण की यूनिट लगाएगी। कम्पनी की यूनिट द्वारा कच्चा माल खरीद कर उसकी साफ-सफाई कर मिलिंग, रोस्टिंग और पैकेजिंग की जाएगी और भण्डारण भी किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में मेसर्स एसडीएसएल इलेक्ट्रानिक्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स लिगेरो इलेक्ट्रानिक्स प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स बीसन्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा राज्य सरकार के साथ एम.ओ.यू.पर हस्ताक्षर किए गए। इन तीनों कम्पनियों द्वारा नया रायपुर के इलेक्ट्रॉनिक मैन्यू फैक्चरिंग क्लस्टर (ई.एम.सी.) में एल.ई.डी. निर्माण के लिए 56 करोड़ रूपए का निवेश किया जाएगा। उनकी परियोजनाओं में राज्य के उच्च पेशेवरों और प्रशिक्षित कुशल युवाओं को रोजगार मिलेगा।

                   एक और एमओयू मेसर्स छत्तीसगढ़ कोल एंडपावर (नाकोड़ा ग्रुप द्वारा संचालित) के साथ 4 एमटीपीए कोलवाशरी प्लांट के लिए हुआ। इस परियोजना की स्थापना कोरबा में की जाएगी और इसमें लगभग 60 करोड़ रूपए का पंूजी निवेश प्रस्तावित है। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सी.एस.आई.डी.सी.) द्वारा भूमि आवंटन की कार्रवाई प्रचलन में है।

                         कार्यक्रम में डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के वाणिज्य और उद्योग विभाग ने व्यापार व्यवसाय और उद्योग लगाने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर काफी काम किया है और जिसमें हमारी गिनती देश के अग्रणी प्रदेशों मे होने लगी है। छत्तीसगढ़ में कोर सेक्टर के अन्तर्गत खनिज, इस्पात, एल्यूमिनियम और सीमेंट उद्योग में अधिकाधिक निवेश हुआ है। अब राज्य सरकार की प्राथमिकता नॉन कोर सेक्टर जैसे खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा, इंजीनियरिंग आदि के क्षेत्र में निवेशकों को आमंत्रित करने की है। मुख्यमंत्री बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष 2015-16 में छत्तीसगढ़ सरकार ने विभिन्न कम्पनियों के साथ कोर सेक्टर और नॉन सेक्टर को मिलाकर लगभग 54 हजार करोड़ रूपए के पूंजी निवेश समझौतों (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए हैं।

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