मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय से होगा काम…जनसमस्याओं का होगा निराकरण…निगम प्रशासन ने लगाया स्मार्ट सिटी पर ध्यान

बिलासपुर—निगम प्रशासन ने आठ जोन में बांटने के बाद अब 70 वार्डो में 30 से 35 मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय का फैसला किया है। इसी क्रम में आज चार प्रमुख स्थानों में पांच मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस दौरान निगम अधिकारियों ने मुख्मंत्री वार्ड कार्यालय के काम काज के बारे में बताया। निगम अधिकारियों के अनुसार अब आम जनता को निगम कार्यालय का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। क्षेत्र का सारा काम अब मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय से पूरा हो जाएगा। बताया जा रहा है कि निगम के आला अधिकारी इस समय दोहरे प्रभार से गुजर रहे हैं। इसलिए कामकाज का बंटवारा कर स्मार्ट सिटी योजना फोकस रहना चाहते हैं।
                     निगम विस्तार और परिसीमन के बाद बिलासपुर नगर निगम में कामकाज को लेकर लगातार परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में आज काम  काज को विकेन्द्रित करते हुए निगम प्रशासन ने पांच प्रमुख स्थानों में मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय का शुभारम्भ किया है। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक दो से तीन वार्ड पर एक मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय खोला जाएगा। निगम सीमा क्षेत्र में कुल 30-35 मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय खोले जाएंगे। कार्यालयों में निगम कर्मचारी सेवाएं देंगे। कुछ बहुत महत्वपूर्ण कार्यों को छोड़कर सारा काम काज जोन के अन्दर मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय से ही पूरा किया जाएगा। साफ सफाई,बिजली पानी से लेकर राशन कार्ड,पेंशन,भत्ता समेत जनता से जुड़ी तात्कालीन समस्याओं को दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय जोन के अन्दर काम करेंगा। बड़ी शिकायतों को जोन कार्यालय में मौजूद जोन कमिश्नर के देखरेख में दूर किया जाएगा।
                            अधिकारियो ने बताया कि दो अक्टूबर को कुल पांच मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय खोले गए हैं।  इनमें प्रमुख रूप से नूतन चौक, मंगला,व्यापार विहार,सिरगिट्टी और सकरी प्रमुख है। चुनाव के पूर्व तक प्रस्तावित क्षेत्रों में अन्य कार्यालयों का शुभारम्भ हो जाएगा। मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय सप्ताह में तीन दिन सोमवार, मंगलवार और बुधवार को सुबह 9 से दोपहर तक खुलेगा।
दोहरी जिम्मेदारी से निजात की कोशिश
                             जानकारी हो कि बिलासपुर निगम को केन्द्र सरकार से स्मार्ट सिटी का तोहफा मिला है। निगम के 18 वार्डों को स्मार्ट सिटी के अनुसार  विकसित किया जाएगा। जाहिर सी बात है कि निगम अधिकारियों पर काम का भार बढ़ेगा। चूकि निगम कमिश्नर स्मार्ट सिटी परियोजना के सीईओ हैं। अन्य उपायुक्त महाप्रबंधक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस दौरान अभियंताओं की अलग जिम्मेदारी होगी। हाल फिलहाल देखने को मिला है कि जानकारी मांगे जाने पर अधिकारी खुद को स्मार्ट सिटी योजना में व्यस्तता जाहिर करते हुए निगम की समस्याओं से दूर होना बताते हैं।
जल्द होगी प्रोजेक्ट की शुरूआत
                              बताते चलें कि स्मार्ट सिटी विकसित करने की योजना को जल्द ही धरातल पर उतारने का काम किया जाना है। बडे बड़े प्रोजेक्ट आने से निगम अधिकारियों की व्यस्तता… जाहिर सी बात है कि बढ़ेगी। ऐसी सूरत में जनसामान्यों को प्रमुखता से दूर किया जाना भी जरूरी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए ही मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय की परिकल्पना को धरातल पर निगम प्रशासन उतारने का प्रयास कर रहा है। यद्यपि निगम अधिकारी फिलहाल स्पष्ट जानकारी देने या कुछ बताने से परहेज कर रहे हैं।
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