विधायक को आजीवन कारावास,4 साल बाद दोहरे हत्याकांड का दोषी निकला तीन बार का पूर्व विधायक

रायगढ़। 4 साल पूर्व हुए दोहरे हत्याकांड में पंचम अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश जगदल्ला ने सन 2016 में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड के लिए, उड़ीसा के बीजेडी से पूर्व विधायक एवं स्टेट वेयर हाउस कारपोरेशन के चेयरमैन अनूप साय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जानकारी विदित हो उड़ीसा के पूर्व विधायक अनूप साय बीजू जनता दल पार्टी से तीन बार के विधायक रह चुके थे एवं सत्तारूढ़ पार्टी में प्रमुख लोगों में शामिल माने जाते थे। 2016 के घटनाक्रम को रायगढ़ पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच पड़ताल एवं हाथ पैर मारने के बाद किसी निष्कर्ष में नहीं पहुंचने के कारण लगभग भुला दिया गया था।

सन 2020 में रायगढ़ के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संतोष सिंह द्वारा इस मामले की पुनः जांच पड़ताल की गई तथ्यों एवं उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके द्वारा गठित टीम ने शीघ्र ही इस मामले में मुख्य आरोपी अनूप साय की पहचान कर उसे गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की तथा उसे कानून के कटघरे में लाकर इस चर्चित मामले का पटाक्षेप किया। मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है मृतिका कल्पना दास श्रीवास्तव पूर्व विधायक की प्रेमिका थी, अवैध संबंधों की परिणिती इस हत्याकांड की प्रमुख वजह बनी।

आरोपी अनूप साय ने अपराध स्वीकार करते हुए जानकारी दी थी, मृतका से उसके अंतरंग संबंध विगत 10- 12 वर्षों से थे, तथा वह उसे ब्लैक मेलिंग करते हुए शादी, मकान ,तथा रुपए पैसों की अनावश्यक मांग लगातार कर रही थी। जिस से छुटकारा पाने हेतु वह योजनाबद्ध तरीके से 5 मई 2016 को शादी का झांसा देकर उड़ीसा से रायगढ़ लेकर आया, तथा घटना दिनांक को रास्ते में शाकंभरी प्लांट के निकट अपने ड्राइवर टोप्पो की सहायता से सर पर लोहे की रॉड से हमला कर मृतका एवं उसकी बिटिया बबली को मौत के घाट उतार दिया। तथा पहचान छुपाने हेतु बर्बरता पूर्वक अपने बोलेरो वाहन से दोनों शवों को कई बार रौंदा।

उल्लेखनीय है कि इस मामले की सफलता पूर्वक जांच एवं आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त करने पर तत्कालीन आईजी दीपांशु काबरा द्वारा रायगढ़ पुलिस अधीक्षक श्री संतोष सिंह को प्रशंसा पत्र एवं रायगढ़ पुलिस टीम को ₹20000 नगद पुरस्कार भी प्रदान किया गया था।

इस कार्यवाही में तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, डीएसपी अविनाश ठाकुर, निरीक्षक विवेक पाटले, रूपक शर्मा, एस एन सिंह,गौरी शंकर दुबे, शशि भोई, डीपी भारद्वाज, राजेश पटेल, श्यामलाल महंत, जगमोहन ओगरे, रीतेश दीवान, दिनेश गोड़, अखिलेश, भवानी, नरेश, सुरेंद्र, बृजलाल, एवं महिला आरक्षक बुलबुल की प्रमुख भूमिका रही।

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