जिले में आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल की ऐसी मांग-नए सत्र के लिए बच्चों की संख्या 10 हजार पार

राजनांदगांव। जनसरोकार से जुड़ चुकी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल में तालीम के लिए मची होड़ शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक रूप ले चुकी है। निजी स्कूलों में महंगे अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई का तोड़ ढंूढते राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में हर तबके के बच्चों के लिए अंग्रेजी शिक्षा की शुरूआत कर दी है। शिक्षा के क्षेत्र में यह एक क्रांतिकारी फैसला साबित हुआ है।राजनांदगांव जिले के 9 आत्मानंद स्कूलों में आसन्न शिक्षा सत्र में बच्चों की तादाद 10 हजार पार हो गई है। निजी स्कूलों के कथित एकाधिकार पर राज्य सरकार का यह निर्णय भारी पड़ रहा है। आत्मानंद स्कूलों की  बनावट और व्यवस्था निजी स्कूलों के डे-बोर्डिंग को  कड़ी टक्कर दे रही है।

राजनंादगांव शहर में शुरू हुए आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल की शैक्षणिक स्तर से हर कोई प्रभावित हुआ है। मौजूदा कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने मुख्यमंत्री के मंशानुरूप स्कूलों की संख्या में इजाफा किया है। कलेक्टर सीधे तौर पर स्कूलों की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। उनकी देखरेख में  सिलसिलेवार खुल रहे स्कूल बेहद ही खूबसूरत और आकर्षक लग रहे हैं। इस संबंध में कलेक्टर श्री सिन्हा ने ‘छत्तीसगढ़’  से कहा कि सरकार की मंशानुरूप स्कूलों की संख्या और बेहतर व्यवस्था पर प्रशासन का ध्यान है। लोगों की ओर से इस योजना को बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है।

स्कूलों की बनावट के साथ-साथ शिक्षा का स्तर भी बेहतर करने के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों की भर्ती की गई है। यहां यह बता दें कि राजनांदगांव शहर के कुछ प्रमुख स्कूलों के शिक्षकों ने इस्तीफा देकर आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शैक्षणिक भार अपने कंधे में ले लिया है।  माना जा रहा है कि राज्य सरकार की इस नीति को भरपूर लोगों का समर्थन मिला है। अब न सिर्फ गरीब तबके, बल्कि रसूखदार परिवार के लोगों ने भी सरकारी स्कूलों में शिक्षा दिलाने दाखिले पर जोर दिया है। स्वामी आत्मानंद योजना के अंतर्गत जिले के 9 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय एवं एक हिन्दी माध्यम स्कूल में प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। इन स्कूलों में अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम के विद्यार्थी अध्ययनरत है।

मिली जानकारी के मुताबिक अंग्रेजी माध्यम के अंबागढ़ चौकी में कुल 963, डोंगरगढ़ में 1245,  डोंगरगांव में 1029, छुईखदान में 1700, छुरिया  में 1033, गंडई में  946, मोहला में  938, मानपुर में 746, म्युनिसिपल स्कूल राजनांदगांव में 984 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।

निजी स्कूलों की चमक फीकी
स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था के आकर्षण ने निजी स्कूलों की चमक को फीका कर दिया है। निजी स्कूलों के सामने सरकारी स्तर पर बनी स्कूलों की बनावट काफी शानदार है। जिलेभर में आत्मानंद स्कूलों को निजी स्कूलों के मुकाबले में खूबसूरत रूप दिया गया है। स्कूलों में बच्चों के बैठने से लेकर जरूरत की सभी सुविधाएं मुहैया कराई गई है। निजी स्कूलों के महंगे फीस वसूलने के रवैये के चलते राज्य सरकार ने इस योजना से गरीब तबके को अंग्रेजी में दक्ष होने का मौका दिया है। स्कूलों के रंग और कुर्सियां तथा बाथरूम को भी बेहद ही आकर्षक बनाया गया है। स्कूलों के कक्ष में विद्यार्थियों की सीटिंग व्यवस्था भी अलग रूप में है। यही कारण है कि शहर और देहात इलाके में खोले गए स्कूलों में दाखिले को लेकर मारामारी की स्थिति है। साथ ही उच्च शिक्षा देने के इरादे से शिक्षकों की भर्ती में भी पूरी तरह से अभ्यर्थियों की दक्षता परखी गई है। समूचे जिले में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल को लेकर आम और खास वर्ग में प्रवेश दिलाने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।

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