एसीबी की तिरछी नजर..सीनियर पटवारी का मांगा हिसाब-किताब.. अधूरी रिपोर्ट पेश करने की तैयारी.?

बिलासपुर— पिछले कई सालों से राजस्व महकमा और उसके कर्मचारियों पर एसीबी टीम की विशेष और तिरछी नजर है। जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग  के कमोबेश सभी कर्मचारियों और खासकर  पटवारियों की सम्पत्तियों को लेकर एसीबी की लगातार आन्तरिक जांच चल रही है। सूत्रों की माने तो एसीबी ने एक पुराने पटवारी के.के.पाठक की तहसील प्रशासन से जमीन का हिसाब किताब मंगाया है। मजेदार बात है कि एसीबी ने जितनी जमीन का हिसाब मांगा है। उसमें से बहुत कुछ शामिल नहीं है। कुछ ऐसी भी संपत्ति है शायद इसकी जानकारी एसीबी को नही है। लेकिन सीजी वाल को हासिल दस्तावेज के अनुसार अधिकारियों के सहयोग से पटवारी उस सम्पत्ति को छिपाने में कामयाब होता नजर आ रहा है।

                                      जानकारी हो कि बिलासपुर के पटवारी इन दिनों प्रदेश में अनुपातहीन सम्पत्ति को लेकर चर्चा में है। यही कारण है कि एसीबी टीम की नजर कमोबेश जिले के सभी पटवारियों पर है। करीब एक दर्जन से अधिक पटवारियों की एसीबी ने आन्तरिक जांच को पूरा भी कर लिया है। इसमें से एक मामला सबके सामने आया है। एसीबी ने पुराने पटवारी के.के. पाठक के नाम दर्ज जमीन का तहसील प्रशासन से हिसाब किताब मांगा है।

                 एसीबी ने आन्तरिक जांच के बाद पटवारी के.के.पाठक और उनके परिवार के नाम जमीनों का हिसाब किताब तहसील प्रशासन से मांगा है।तहसील प्रशासन को लिखे पत्र में एसीबी ने कहा है कि 25 मई 2018 तक पटवारी के.के. पाठक समेत अन्य सदस्यों  की जमीनों की अनावरी और गिरदावली के आधार पर 40 प्रतिशत आय व्यय मानते हुए कृषि आय की जानकारी 7 मार्च 2020 के पहले भेजे।

                              अपने पत्र में एसीबी ने अन्य पटवारियों के अलावा पाठक के परिवार के नाम दर्ज और कृषि भूमि की जानकारी भेजने को कहा है। एसीबी ने अपने पत्र में पाठक और उनके परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज जमीनों का विवरण भी संलग्न किया है।

मांगी गयी जमीनों की जानकारी

              पत्र में बताया गया है कि पाठक और उनके परिवार के विभिन्न सदस्यों के नाम खैरा में  187/ 25 में से 0.31 एकड़, खसरा 130 से0. 43 डिसिमिल जमीन है। खमतराई में 738 / 1 में 0.50 एकड़ जमीन, खैरा में खसरा 57 से0.04 एकड़ जमीन, खमतराई में खसरा 140 / 1 में 0.48 एकड़ जमीन, खैरा में खसरा 234 / 1, 135 / 1 में 0.235 एकड़ जमीन, खैरा में खसरा 534, 798, 799/1 0.234 एकड़ जमीन दर्ज है। मोपका में खसरा 846 / 1 ख, 846 / 2 ख,846 / 3 ख में 2800 वर्गफिट जमीन है। बिरकोना में  खसरा 158 / 3..2.70 एकड़ जमीन है। चांटीडीह में खसरा 134 / 13 में 720 वर्गफिट जमीन की जानकारी है।  लगरा में खसरा 447 में 0.11 एकड़ जमीन है।  खैरा में खसरा 93, 513 / 2 में 0.85 एकड़ जमी है। खैरा में खसरा 514 / 1, 514 / 2 में 0.33 एकड़ जमी है।  जूना बिलासपुर में खसरा 293 / 5 में 3600 वर्गफिट जमीन होना पाया गया है। 

                    पत्र में एसीबी ने कहा गया है कि बतायी जमीन की सत्यापित जानकारी 7 मार्च 2020 के पहले देना होगा।  सूत्रों की माने तो अभी तक तहसील प्रशासन ने जानकारी नहीं भेजा है। सूत्र ने बताया कि प्रशासन का प्रयास है कि एसीबी को उस जमीन की जानकारी हरगिज नहीं दी जाए जिसका जिक्र भेजी गयी सूची में नही है। बताते चले कि जिस जमीन की जानकारी दबाने का प्रयास किया जा रहा है..सीजी वाल की उस पर लगातार नजर है।  

कई हल्कों में रहा..कुछ जमनीों की जानकारी एसीबी को भी नहीं

             बताते चलें कि पटवारी कृष्ण कुमार पाठक अपने लम्बे कार्यकाल में मोपका समेत कई बड़े हल्कों में रह चुके है। इस दौरान उनके कामकाज को लेकर लोगों ने जमकर ऊंगलियां उठाई। के.के.पाठक अपने लम्बे कार्यकाल में लिंगियाडीह, जूना बिलासपुर,सकरी, बोदरी,बिल्हा, चिल्हाटी, रहंगी, सरकंडा समेत ज्यादातर शहरी क्षेत्रों में गुजारा है।

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