कांग्रेस ने मास्टर प्लान की उड़ाई धज्जियां…

IMG-20150909-WA0006बिलासपुर—आज जिला कांग्रेस ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मास्टर प्लान 2031 में भारी गड़बड़ी होने की शिकायत कलेक्टर अन्बलगन पी. से की है। कांग्रेसियों ने कलेक्टर से बताया कि मास्टर प्लान में 95 प्रतिशत क्षेत्र ग्रामीण हिस्सों को शामिल किया गया है। इस बात की जानकारी स्थानीय लोगों को भी नहीं है। उन्हें इस बात की भी जानकारी नहीं है कि जीवनोपार्जन का एक मात्र सहारा जमीन का कितना हिस्सा मास्टर प्लान निकलेगा। जिसे लेकर अब उनमें भारी भय और आक्रोश है।

                          कांग्रेसियों ने मास्टर प्लान के एक – एक बिन्दु की खामियां गिनाते हुए कलेक्टर से मास्टर प्लान तैयार करते समय अधिकारियों ने किसी भी जनप्रतिनिधि या प्लान से प्रभावित लोगों से विचार परामर्श नहीं किया। भारी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे कांग्रेसियों ने बताया कि प्लान में एक भी बिन्दु नहीं है जिसे लोग आंख मूंदकर स्वीकार कर सके। इसलिए मास्टर प्लान – 2031 को निरस्त कर नया नक्शा तैयार किया जाए।

               कलेक्टर कार्यालय पहुंचे कांग्रेसियों ने पहले तो सरकार की नीतियों और मा्स्टर प्लान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने मीडिया से बताया कि सकरी, मोपका, बोदरी, चिल्हाटी वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए चिन्हांकित किया गया है जो किसी भी व्यक्ति के समझ से परे है। इसी प्रकार हरदीकला,पेण्डारी,दबेना और बहतराई जैसे औद्योगिक क्षेत्र में प्रशिक्षण निवेश की बात कही गयी है। सार्वजनिक और अद्धशासकीय गतिविधियों के लिए सकरी,बोदरी,चिल्हाटी और कोनी क्षेत्र में निवेश किये जाना तय किया गया है। मनोरंजन के लिए पेन्डारी में पार्क गोल्फ कोर्स और बहतराई, कोपरा,हरदीकला,रहंगी, में पक्षीविहार बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। मास्टर प्लान में रेलवे साइडिंग और हवाईपट्टी का विस्तार की योजना भी ग्रामीण क्षेत्र में ही।

           गांव का एक बहुत बड़ा क्षेत्र मास्टर प्लान में शामिल कर लिया गया है लेकिन अधिकारियों ने इसकी जानकारी किसी को देना उचित नहीं समझा है। कांग्रेस नेता राजेन्द्र शुक्ला ने बताया कि किसी भी योजना को तैयार करने से पहले विचार विमर्श किया जाता है। लेकिन अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से इस मसले में मिलना भी मुनासिब नहीं समझा। कोटा विधायक रेणु जोगी ने बताया कि मास्टर प्लान-2031 के मानचित्र में खामियों का भण्डार है। बेहतर हो कि नए सिरे मास्टर प्लान को व्यापक विचार विमर्श और जन सहयोग से तैयार किया जाए।

           राजेन्द्र शुक्ला ने बताया कि योजना तैयार करने से पहले प्रभावित क्षेत्रों में जनसुनवाई भी नहीं की गयी। पंचायतों के ग्राम सभाओं में भी प्लान के बारे में विचार विमर्श नहीं किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना को लेकर ना केवल भय है बल्कि भंयकर आक्रोश भी है।

               राजेन्द्र शुक्ला ने कलेक्टर से लिखित विरोध दर्ज करते हुए कहा कि मास्टर प्लान नए सिरे से तैयार किया जाए। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार- प्रसार कर क्षेत्रिय जनप्रतिनिधियों और पंचायतों से सहमति भी ली जाए। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में तमाम विसंगतियों को देखने के बाद बिलासपुर की जनता भी आक्रोशित है। इसलिए बेतहर होगा कि एक बार पूरी पारदर्शिता के साथ प्रशासन नया मास्टर प्लान तैयार करे। इसके पहले कांग्रेस नेताओं ने कार्यालय के सामने सड़क पर बैठकर मास्टर प्लान का जमकर विरोध किया।

         इस मौके पर जिला कांग्रस ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला के अलावा, नरेन्द्र बोलर, कोटा विधायक रेणु जोगी,पूर्व विधायक चन्द्रप्रकाश वाजपेयी, महेश दुबे,महेन्द्र गंगोत्री, शिव बालक कौशिक, सुभाष सिंह समेत शहर और ग्रामीण कांग्रेस के नेता भारी संख्या में उपस्थित थे।

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