कोर्ट का जिला सहकारी बैंक को सख्त आदेश…निलंबित कर्मचारी नहीं बन सकता सीईओ…गुरद्वान को पद से हटाएं

बिलासपुर— दो दिन पहले बिलासपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था जल्द ही जिला सहकारी बैंक की समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा। घटनाक्रम पर सरकार की नजर है। बावजूद इसके जिला सहकारी बैंक संचालक मंडल अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। ना ही मुख्यमंत्री के बातों का असर होता दिखाई दे रहा है।

                       जानकारी के अनुसार संयुक्त पंंजीयक न्यायालय ने जिला सहकारी बैंक मुख्य कार्यपालन अधिकारी विकास गुरुद्वान की नियुक्ति को अवैध बताया है। नियुक्ति को नियम विरूद्ध मानते हुए बर्खास्त करने को कहा है। संयुक्त पंजीयक कोर्ट ने संचालक बोर्ड अध्यक्ष भैयालाल राजवाड़े को पत्र लिखकर कहा है कि बर्खास्त शाखा प्रबंधक जिला सहकारी बैंक का सीईओ नही हो सकता है। संयुक्त पंजीयक ने गुरूद्वान को सीईओ पद से पृथक करने के बाद  जानकारी देने को कहा है।

                        संयुक्त पंजीयक कोर्ट ने जिला सहकारी बैंक मुख्य कार्यपालन अधिकारी विकास गुरूद्वान को पद से तत्काल हटाने को कहा है। भैयालाल राजवाड़ें को भेजे गए पत्र में संयुक्त पंजीयक ने कहा है कि तात्कालीन सीईओं के आदेश पर शाखा प्रबंधक विकास गुरूद्वान को 30 जनवरी 2018 में निलंबित किया गया है। विकास गुरूद्वान आज भी निलंबित कर्मचारी हैं। इसके पहले संचालक मंडल ने तात्कालीन सीईओ अभिषेक तिवारी को 21 दिसम्बर 2017 एक तरफा रिलीव करने का आदेश दिया था। आदेश के खिलाफ कोर्ट से अभिषेक तिवारी ने स्टे लिया। 15 फरवरी 2018 को कोर्ट ने स्टे को स्थगित कर दिया गया।

                        लेकिन इसके पहले 15 फरवरी 2018 तक अभिषेक तिवारी का स्टे जीवित था। इस दौरान तात्कालीन सीईओ के सभी बैंकिंग कार्य और आदेश मान्य हैं। इसलिए तात्कालीन मुख्य कार्यापन अधिकारी के कार्यालय से 30 जनवरी 2018 को जारी विकास गुरूद्वान का निलंबन आदेश भी मान्य होगा। बावजूद इसके निलंबित शाखा प्रबंधक विकास गूरूद्वान को प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर नियुक्ति किया गया। संचालक मंडल का आदेश नियम के खिलाफ है।

                  संयुक्त पंजीयक ने संचालक मंडल अध्यक्ष को दिए आदेश में कहा है कि 5 मार्च 2018 को  संचालक बोर्ड और विकास गुरूद्वान ने जो भी तर्क और साक्ष्य पेश किए हैं। पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए जिला सहकारी बैंक प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी विकास गुरूद्वान को तत्काल पद से पृथक कर कोर्ट को सूचित करने को कहा है।

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