खिसक गयी मंगला सरपंच की कुर्सी…अविश्वास प्रस्ताव पर पंचो ने लगाया मुहर…ज्वाला को मिली कामयाबी

raman ke goth karikaram gram mangla bilaspur ke photo (2)बिलासपुर— अविश्वास प्रस्ताव पास होने के साथ ही मंगला सरपंच सीता पटेल की कुर्सी खिसक गयी है। पीठासीन अधिकारी देवी सिंह उईके की मौजूदगी में मंगला ग्राम पंचायत में उपसरपंच प्रजापति और साथियों ने सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया। सीता पटेल को अविश्वास प्रस्ताव को गिराने के लिए 6 मत चाहिए थे। लेकिन कुल चार मत ही मिले। 17 पंचो ने सीता पटेल के खिलाफ मतदान किया ।

                                   उपसरपंच की अगुवाई में ग्राम पंचायत मंगला सरपंच के खिलाफ ग्राम पंचायत भवन में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान किया गया। उपसरपंच ने जिला प्रशासन को लिखित शिकायत कर सरपंच सीता पटेल के खिलाफ आर्थिक अनियमितिता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। उपसरपंच और साथियों ने लिखित शिकायत में जिला प्रशासन को बताया कि पंचों से बिना राय मशविरा कर सरपंच और पति अपनी मनमानी कर रहे हैं। शासन की राशि को बिना बताए आहरण किया जा रहा है। लाखों रूपए की आर्थिक घोटाला किया गया है।

                     उपसरपंच प्रजापति के अनुसार सरपंच सीता पटेल विकास कार्य योजना,पेंशन राशि को आनप शनाफ तरीके से आहरण कर निजी कार्यों में उपयोग करती है।  मूलभूत सुविधा राशि को भ्रष्टाचार कर निकाल लिया है। क्षेत्र में विकास के नाम पर कुछ नहीं किया गया। सरपंच और पति दोनोंं की मनमानी से जनता परेशान हैं। दोनों ने मिलकर अपने चहेतों के साथ पंचायत में लाखों का घोटाला किया है।

मतदान में सरपंच की बुरी हार

                        पीठासीन अधिकारी देवी सिंंह उइके की उपस्थिति में मंगला ग्राम पंचायत में मतदान की प्रक्रिया हुई। पंचायत के 20 पंच के अलावा सरपंच सीता पटेल नें मतदान किया। अविश्वास प्रस्ताव टालने के लिए सरपंच को कुल 6 वोट चाहिए थे। लेकिन गणना के बाद सरपंच सीता पटेल के पक्ष में मात्र चार वोट पड़े। 17 लोगों ने सरपंच के खिलाफ मतदान किया।

6 महीने के अन्दर होगा चुनाव

                    अविश्वास प्रस्ताव में बुरी तरह से हार के बाद सीता पटेल के हाथ से सरपंच का पद चला गया है। अब निर्वाचन आयोग को मंगला ग्राम पंचायत का चुनाव 6 महीने के भीतर करवाना होगा।

अविश्वास प्रस्ताव लाने में दारा और ज्वाला की भूमिका

                                 मालूम हो कि पहले भी सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का प्रयास किया गया। इस बार पूर्व सरपंच ज्वाला प्रसाद को सफलता मिली है। सीता पटेल को सरपंच पद से हाथ थोना पड़ा है। बताया जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव लाने में ज्वाला की महत्वपूर्ण भूमिका है। जानकारी के अनुसार पिछले तीन दिनों से एक दर्जन पंच ज्वाला के साथ गायब थे। आज मतदान के समय सभी पंच यकायक सामने आए। और उप सरपंच के अविश्वास प्रस्ताव पर मुहर लगाया।

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