गीतांजलि कौशिक ने कहा…दो साल से नहीं दिया किराया

IMG20170227125321बिलासपुर—बिल्हा जनपद पंचायत अध्यक्ष गीतांजली कौशिक और जोगी कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर तिफरा परसदा क्षेत्र में प्रस्तावित शराब दुकान का विरोध किया है। गीतांजलि कौशिक और मणिशंकर पाण्डेय ने बताया कि शासन ने वार्ड के बीच शराब दुकान खोलने का फैसला किया है। इसे किसी भी सूरत में नहीं खुलने दिया जाएगा

                     एडिश्नल कलेक्टर से बिल्हा जनपद अध्यक्ष गीतांजलि ने बताया कि तिफरा परसदा क्षेत्र में प्रस्तावित शराब दुकान मोहल्ले के बीच में है। यहां जनसामान्य का हमेशा आना जाना होता है। क्षेत्र घनी आबादी वाला भी है। यहां करीब चार हजार से अधिक जनसंख्या निवास करती है।  शराब दुकान खुलने से महिलाओं और बच्चियों का आना जाना मुश्किल हो जाएगा।

                     दुकान खुलने से छात्राओं को भारी परेशानी होगी। प्रस्तावित दुकान के पास से ही स्कूली बच्चियां आना जाना करती हैं। गीतांजली ने बताया कि शराब दुकान खुलने से गांव के लोग परेशान होंगे। इसलिए या तो दुकान को कहीं दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। अथवा शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगायी जाए।

  समस्या के बीच किराए की चिंता

                     शराब दुकान विरोध के बीच बिल्हा जनपद पंचायत अध्यक्ष गीतांजली कौशिक ने मौका मिलते ही कुंजाम के सामने अपनी निजी शिकायत को भी पेश किया। गीतांजली ने बताया कि निजी प्लाट में पिछले दो साल से सरकारी शराब दुकान संचालित है। विभाग ने दो साल से किराए भी नहीं दिया। आबकारी विभाग किराया देने में आनाकानी कर रहा है। प्लाट भी खाली नहीं कर रहा है। विभाग से या तो दो साल का किराया दिलाया जाए। अथवा प्रस्तावित दुकान को कहीं दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए।

                        शिकायत रखने के दौरान गीतांजलि कौशिक ने कुंजाम को बताया कि आबकारी विभाग ने दो साल से बिजली बिल का भुगतान भी नहीं किया है। एक लाख रूपए बिजली बिल आबकारी विभाग पर बकाया है। इसलिए किराया के साथ बिजली बिल भुगतान के लिए जिला प्रशासन आबकारी विभाग पर दबाब बनाए।

              नीजि चर्चा के दौरान गीतांजली कौशिक ने कहा कि हमारी स्थिति सांप छछुंदर जैसी है। प्लाट देने के बाद फंस गए हैं। आबकारी विभाग न तो प्लाट खाली कर रहा है और न दुकान….। ऊपर से बिजली बिल और दुकान का किराया बढ़ता जा रहा है। एडिश्नल कलेक्टर कुंजाम ने मामले को आबकारी विभाग के संज्ञान में लाने का आश्वासन दिया।

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