धान खरीदी की तैयारी : कलेक्टर ने कहा – किसी हालत में नहीं खरीदा जाएगा दोयम दर्जे का खराब धान

बिलासपुर-कलेक्टर डाॅ.संजय अलंग ने जिले के सहकारी समितियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि दोयम दर्जे का खराब धान किसी भी हालत में नहीं खरीदना है। खरीदी केन्द्रों मंे धान को सुरक्षित रखने के लिये सभी संभव उपाय करने के समिति प्रबंधन को दिया गया है। मंथन सभाकक्ष में आज कलेक्टर द्वारा धान खरीदी की तैयारी के लिये बैठक ली गयी। धान खरीदी का कार्य 1 दिसंबर 2019 से 15 फरवरी 2020 तक किया जायेगा। कलेक्टर ने धान खरीदी के पूर्व सभी समितियों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। साफ-सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था, माईश्चर मीटर, नाप-तौल मीटर, बारदाना, नेट कनेक्टिविटी, कांटा बांट की तैयारी सभी समितियों मंे करने कहा। सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

सभी समितियों में फस्र्ट एड बाॅक्स, पानी, अग्निशमन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि इस बार धान की पैदावार ज्यादा होने की संभावना है। इसको देखते हुए समिति प्रबंधक मानसिक रूप से तैयार रहें कि समितियों मंे धान की ज्यादा आवक हो सकती है। गत वर्ष जिन समितियों में शिकायतें आई थी, वहां विशेष ध्यान दिया जाये और खराब धान नहीं खरीदे जाये। धान को सुरक्षित रखने के लिये ड्रेनेज व्यवस्था दुरूस्त रखें और पानी से धान को बचाने के लिये कैप कवर भी तैयार रखें।

जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के सीईओ ने बताया कि इस वर्ष किसानों से अधिकतम 15 क्विंटल प्रति एकड़ लिंकिंग के साथ धान खरीदी की जायेगी। प्रत्येक सोमवार से शुक्रवार तक शासकीय अवकाश को छोड़कर धान खरीदी होगी। धान खरीदी 50-50 प्रतिशत के हिसाब से नये एवं पुराने बारदानों में किया जायेगा। गुणवत्तापूर्ण धान खरीदी के लिये इस वर्ष विशेष व्यवस्था बनाई गई है। खरीदी का कार्य ढेरी लगाकर किया जायेगा।

धान उपार्जन केन्द्रों में जैसे ही बारदाने आयें, उन्हें स्टेंसिल लगाकर तैयार कर लें। धान भंडारण केन्द्रों को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिये गये। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी उपार्जन केन्द्रों में स्टेगिंग प्लान रेडी होना चाहिये। ताकि धान को किसी भी प्रकार से नुकसान नहीं हो तथा धान परिवहन सुविधाजनक ढंग से हो सके। धान खरीदी के लिये कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था का ट्रायल सभी उपार्जन केन्द्रों में 27 से 29 नवंबर तक किया जायेगा। जो केन्द्र इस ट्रायल में भाग नहीं लेंगे उन्हें प्रोत्साहन कमीशन की पात्रता नहीं होगी। सीमावर्ती क्षेत्रों की समितियों पर विशेष ध्यान देने कहा गया ताकि अन्य राज्यों से धान की आवक में रोक लग सके।

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