नर्सों के साथ हुआ गलत…सरकार को नहीं लगाना था असमा…भाजपा राष्ट्रीय नेत्री ने कहा…प्रदेश में बेटी बचाओ की हालत गंभीर

बिलासपुर–दो दिनों के प्रवास पर बिलासपुर पहुंची भारतीय जनता पार्टी की अनुसूचित जाति मोर्चा कार्यकारिणी सदस्य और मोर्चा की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं की राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मला पासवान ने प्रदेश में बेटियों की हालत पर चिंता जाहिर की है। निर्मला पासवान ने पत्रकारों को बताया कि नर्सों के आंदोलन के साथ सरकार ने गलत किया है। सरकार का नर्सों पर अस्मा लगाना गलत निर्णय था। निर्मला पासवान ने बताया कि राष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में बेटियों को लेकर अच्छा रिपोर्ट नहीं है।

           बिलासपुर दो दिन प्रवास पर पहुंची भाजपा की अनुसूचित जाति मोर्चा कार्यकारिणी सदस्य और मोर्चा की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं की राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मला पासवान ने कहा कि यहां पहुंचने के बाद राष्ट्रीय आंकड़ा सही साबित होता दिखाई दिया है। निर्मला पासवान ने बतायाक कि छ्तीसगढ़ आने के बाद महसूस हो रहा है कि यहां बेटियों की हालत ठीक नहीं है। प्रधानमंत्री की बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ अभियान का क्रियान्यवयन ठीक से नहीं हो रहा है। इसके कारणों को पता लगाने का प्रयास करेंगी। कार्यकर्ताओं को भी जरूरी दिशा निर्देश देंगी। इसके अलावा यहां की रिपोर्ट प्रधानमंत्री को भी देंगी।

                      एक सवाल के जवाब में निर्मला पासवान ने बताया कि राष्ट्रीय आंकड़ों से जानकारी मिली है कि छत्तीसगढ़ की बेटियों को बेचा जाता है। इसकी वजह गरीबी को बताया जा रहा है। जबकि देश प्रदेश की कई योजनाएं गरीबी दूर करने के लिए चलाई जा रही है। गरीब परिवार की बेटियों को पढ़ने लिखने के लिए योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। बावजूद इसके योजनाएं जमीन तक नहीं पहुंची है। इसकी मुख्य वजह प्रशासन के अलावा हमारे कार्यकर्ता भी हैं। जिन्हें मोदी के सपनों के अभियान और उसके लाभ को अंतिम परिवार तक पहुंंचाना है।

            निर्मला पासवान ने बताया कि जानकारी मिली है कि एक आदिवासी बच्ची को दो साल तक बंधक बनाकर रखा गया। बंधक बनाने वाले परिवार का मुखिया बिलासपुर में पुलिस अधिकारी है। जबकि पत्नी चकरभाठा में शिक्षिका है। दोनों ने आदिवासी बच्ची को दो साल तक बंधक बनाकर रखा। मारा-पीटा गया। बच्ची के परिजनों को भी बंधक बनाया गया। जानकारी मिली है कि एएसआई को निलंबित किया गया है। लेकिन निलंबन कोई कार्रवाई नही होती है। पता लगाएंगे कि आखिर दोषि के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नही हुई।

                            एक अन्य सवाल के जवाब में निर्मला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देशहित में 24 में 16 से 18 घंटे काम कर रहे हैं। गरीबों से लेकर सभी लोगों के हितों को लेकर रात दिन एक कर दिया है। लेकिन देखने में मिल रहा है कि केन्द्रीय योजनाओं का छत्तीसगढ़ में ठीक क्रियान्यवयन नहीं हो रहा है। निश्चित रूप से यह दुखद है। रिपोर्ट ऊपर तक पहुंचाउंगी। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह से मिलकर सच्चाई को भी सामने रखूंंगी। साथ ही सुझाव भी दूंगी कि कार्यकर्ताओं के माध्यम से योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाए।

सवाल के जवाब में निर्मला ने कहा कि नर्सों के आंदोलन को लेकर भी जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि आंदोलनकारी नर्सों पर अस्मा भी लगाया गया है। जेल में उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया गया। उन्हें कई प्रकार की कठिनाइयों से गुजरना पड़ा है। यह शर्मिन्दा करने वाली बात है। निर्मला ने स्वीकार किया कि नर्सों पर लगाया गया पूरी तरह से गलत था।

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