नामांकन वापसीः रूठते रहे..मनाते रहे.. टिकट कटने से दीपांशु नाराज.. दिलीप ने किया सरेंडर..भाजपा के बागी भी हुए नरम

बिलासपुर— नाम वापसी के अंतिम दिन कुछ ऐसा ही हुआ जैसा हमेशा होता रहा। पार्टी के वरिष्ठ नेता कभी बागियों को मनाते रहे तो कभी पार्टी एकता की दुहाई देते रहे। खासकर कांग्रेसियों में नामांकन वापसी के दिन जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। विस्फोट उस समय देखने को मिला जब अंतिम समय में पांच प्रत्याशियों का नाम सूची से हटकार पांच अन्य नाम को जोड़ दिया गया। नाम कटने की जानकारी मिलते ही प्रत्याशी आपे से बाहर हो गए। वार्ड क्रमांक 30 के प्रत्याशी और वर्तमान पार्षद दीपांशु अपनी भावनाओं को छिपा नहीं सके। भाजपा विधायक शैलेश पाण्डेय और निगम नेता प्रतिपक्ष के सामने जमकर भड़ास निकाला। दीपांशु ने कहा जब टिकट देना ही नहीं था तो जोड़ा क्यों गया। और ठीक अंतिम समय में हटाया क्यों गया। मामले को किसी तरह अशोक अग्रवाल ने शांत कराया।

          नाम वापसी के अंतिम दिन कलेक्टर कार्यालय में मेला जैसा माहौल देखने को मिला। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। अशोक अग्रवाल,बैजनाथ चन्द्राकर,अटल श्रीवास्तव, शैलेष पाण्डेय,विजय केशरवानी,नरेन्द्र बोलर नजर आए। सभी नेता पार्टी से घोषित प्रत्याशियों के समर्थन में नामांकन दाखिल करने वाले कांग्रेसियों पर नामांकन वापस करने का दबाव बनाते रहे। इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 52 के बागी कांग्रेस प्रत्याशी दिलीप पाटिल को कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं ने विजय केशरवानी के समर्थन में नाम वापस लेने के लिए दबाव बनाया। दिलीप पाटिल पहले तो कुछ कहने से बचते रहे। लेकिन अन्त में वरिष्ठ नेताओं के मनुहार के बाद नाम वापस लिया। इस बीच जानकारी मिली कि कांग्रेस ने अपनी सूची से पांच नाम हटाकर 5 नए नाम के नाम पर बी फार्म भेजा है। खबर मिलते ही कांग्रेसियों में खलबली मच गयी।

                              इसी क्रम में जानकारी मिली कि वार्ड क्रमांक 22 से अजरा का नाम हटाकर संगीता तिवारी,वार्ड क्रमांक 21 से वर्तमान पार्षद काशी रात्रे की पत्नी रेखा रात्रे की टिकट काटकर सीमा घृतेश को दिया गया है। वार्ड 36 से पप्पू वाजपेयी की जगह लल्लू कश्यप,वार्ड 34 से संतोष गर्ग की जगह वर्तमान पार्षद शैलेन्द्र जायसवाल और वार्ड क्रमांक 30 में दीपाशु को हटाकर वर्तमान पार्षद पुष्पा दुबे को टिकट दिया गया।

                नयी सूची जारी होते ही दीपांशु श्रीवास्तव अपनी भावनाओं को रोक नहीं सके। उन्होने  कलेक्टर परिसर में मौजूद नेता प्रतिपक्ष शेखनजरूद्दीन और विधायक शैलेष पाण्डेय के सामने भड़ासा निकाला। दीपांशु ने कहा यह ठीक नहीं हुआ। जब टिकट नहीं देना था तो सूची में नाम डाला ही क्यों गया। जब डाला गया तो अंतिम दस मिनट में निकाला क्यों गया। यह उसके साथ साजिश है। इस बात भूलना मुश्किल है। इस दौरान दीपांशु खासे नाराज नजर आए। यद्यपि अशोक अग्रवाल अटल श्रीवास्तव और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मामले को किसी तरह संभाला।

भाजपा से जिला अध्यक्ष और मेयर ने जमा किया बी फार्म

                                भाजपा से जिला अध्यक्ष, बेलतरा विधायक और मेयर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। दोनों नेताओं ने सभी 70 प्रत्य़ाशियों का सामुहिक बी फार्म जमा किया। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ वार्ड से बागी भाजपा प्रत्याशियों को नाम वापस लेने के लिए मनाया। यद्यपि कांग्रेस की तुलना में भाजपा में बागी प्रत्याशियों की संख्या बहुत कम नजर आयी। 

                इस दौरान मेयर किशोर राय, बेलतरा विधायक रजनीश सिंह और जिला अध्यक्ष ने वार्ड क्रमांक 36 से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी बंधु मौर्य के सममर्थन में ओमप्रकाश देवांगन और विरेन्द्र को नाम वापस लेने के लिए मनाया। दोनों नेताओं ने आदेश का पालन करते हुए बंधू मौर्य के समर्थन मे नाम वापस लिया।  

नाम वापसी के बाद दोनों जिला अध्यक्षों की विक्ट्री साइन

                 नाम वापसी का समय खत्म होने के बाद जिला शहर और ग्रामीण अध्यक्षों ने विक्ट्री साइन के साथ खुशी का इजहार किया। नरेन्द्र बोलर और विजय केशरवानी ने बताया कि कांग्रेस मे ही लोकतंत्र है। कांग्रेस में ही लोग अपनी बातों को  खुलकर रखते हैं। सबने नामांकन दाखिल किया। सबने पार्टी का सम्मान करते हुए अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में नामांकन वापस लिया। सबने एकजुट होकर पार्टी प्रत्याशी को जिताने का संकल्प लिया है। निगम में कांग्रेस की ही सरकार बनेगी। मेयर कौन बनेगा सवाल करने का समय अभी नहीं है।

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