शहज़ादी कुरैशी निर्दलीय मैदान में उतरीं… कांग्रेस से दिया इस्तीफ़ा… कहा – वार्ड के लोगों का जनादेश है

बिलासपुर । शहजादी कुरैशी ने कांग्रेस छोड़कर अपने वार्ड से नगर निगम पार्षद चुनाव लड़ने का फैसला किया है । अपनी टिकट कटने से व्यथित शहजादी कुरैशी शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंची और वार्ड नंबर 31 लाला लाजपत राय नगर से निर्दलीय पार्षद उम्मीदवार के रूप में अपना पर्चा दाखिल किया । वह लगातार पिछले चार चुनावों से इस इलाके से पार्षद निर्वाचित होती रही हैं ।

पर्चा दाखिल करने कलेक्ट्रेट पहुंची शहजादी कुरैशी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस में रहकर पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम किया और उनके दोनों पोलिंग बूथ से कांगेस को बहुमत मिला था। लेकिन उन्हें इस चुनाव में कांग्रेस ने पार्षद की टिकट नहीं दी । उनका कहना था कि उन्हें किसी से कोई गिला शिकवा नहीं है । लेकिन यह भी बताया कि उनके वार्ड के नागरिक पिछले 20 साल से उन्हें चुनाव जिताते आ रहे हैं । कांग्रेसी पार्षद उम्मीदवारों की लिस्ट आने के बाद लोगों में काफी आक्रोश है और वह दुखी हैं।

शहजादी कुरैशी ने बताया कि वार्ड के लोगों ने उनके घर पर धरना देकर उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहा । शहजादी कुरैशी कहती हैं कि यह लोगों का जनादेश है इसलिए कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर वह जनता के आशीर्वाद से उनका जनादेश पालन करते हुए चुनाव मैदान में उतर रही हैं । उनका यह भी कहना है कि कोई भी पार्टी 70 वार्ड में टिकट बांटती है । लेकिन चुनाव जीतकर वही आता है जिसे जनता चुनती है। इसलिए उन्होंने जनादेश का पालन करते हुए निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस के टिकट वितरण में लापरवाही हुई है…? इस पर उन्होंने कहा कि वह बड़े लोग हैं उनका मापदंड क्या है यह समझ से परे है । वह कहीं किसी अलग मापदंड का पालन करते हैं और कहीं कोई मापदंड अपनाया जाता है। उनसे पूछा गया कि क्या वे टिकट के लिए ही कांग्रेस पार्टी में आई थी …? इस पर उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के प्रति हमेशा ईमानदार रही हैं । इस बीच यह सवाल भी उठा कि जनता कांग्रेस में क्यों थी…? इस पर उन्होंने कहा कि मुझ पर अजीत जोगी के कुछ एहसान थे। नैतिकता के आधार पर उनके साथ गई थी ।लेकिन आज जोगी कांग्रेसमें होती तो उन्हें टिकट जरूर मिलती। जनता कांग्रेस ने बड़ा पद भी दिया था ।लेकिन पद छोड़कर वे कांग्रेसमें आई थी। लेकिन अब निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है।

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