21 साल बाद मिले तो..जुबान नें नहीं..आसुंओं ने बोला..गले मिलकर पूछा कैसे हो..फिर किया शिक्षकों का सम्मान

बिलासपुर—इक्कीस साल बाद जब दोस्तों से मुलाकात हुई तो सभी के चेहरे खुशियों से चहक उठे। किसी के आंख से खुशी के आंसू बह निकले तो कोई खुशी को बयान नहीं कर पा रहा था। जी हां ऐसा नजारा दिखा बर्जेश स्कूल में छात्र मिलन समारोह के दौरान। जब 21 साल बाद देश और दुनिया के कोने कोने में काम रहे बर्जेश स्कूल के छात्र कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे।
 
               जब देश दुनिया के कोने कोने में बसे बर्जेश के छात्र 21 साल बाद मिले तो नजारा देखने की लायक था। देखते ही सभी दोस्त एक दूसरे से गले लिपट गए। किसी की आंखों से झर आंसू बहने लगे तो कोई मारे खुशी में अपने आप को बोलने की स्थिति में नहीं पाया।
 
                बर्जेश हायर सेकंड्री इंग्लिश स्कूल के 1998 बैच के पूर्व विद्यार्थियों का दो दिवसीय मिलन समारोह का शानदारआयोजन एक निजी प्रतिष्ठान में किया गया।  समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों का सम्मान किया। अपने जीवन में मिली सफलता के लिए शिक्षकों के प्रति आभार जाहिर किया।
 
           शहर के एक निजी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से डॉक्टर, सेना अधिकारी, इंजीनियर, प्रबंधक, वैज्ञानिक,व्यवसायी और शासकीय सेवक के तौर पर सक्रिय बैचमैट री-यूनियन के लिए बिलासपुर पहुँचे। विदेशों से भी विद्यार्थी समारोह में शिरकत करने विशेष तौर पर पहुँचे।
 
              कार्यक्रम के संयोजक वेंटेश अग्रवाल ने बताया कि मिलन समारोह में पहुँचे शिक्षकों ने 1998 बैच के बच्चों को आयोजन के लिए बधाई दी। साथ ही सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाएँ भी दीं। 21 सालों बाद भी अपने शिक्षकों को याद करने और सम्मान प्रकट करने के लिए प्रसन्नता व्यक्ति की। इस अवसर पर सी बानवर, वर्षा राम और सी के झा ने कहा कि अपने विद्यार्थियों को बढ़ते देखना शिक्षक के लिए गर्व की बात होती है। क्योंकि अपने हाथों सींचे पौधे को फलदार वृक्ष के रूप में देखना सभी माली सुकुन देता है।               
 
               आयोजन के सहसंयोजक शरद मुरारका ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न शहरों के साथ ही दिल्ली, गुरूग्राम, पुणे, मुम्बई, बेंगलुरू, विशाखापट्टनम, ग्वालियर, हैद्राबाद, पश्चिम बंगाल, देहरादून समेत दुबई, बहरीन, सिंगापुर में कार्यरत पुराने साथियों ने समारोह में हिस्सा लिया। विशेष ड्रेस कोड में स्कूल परिसर पहुँचकर अपनी पुरानी यादों को ताजा किया। कक्षाओं में बैठकर स्कूल के दिनों को याद किया। सभी ने प्रार्थना स्थल पर राष्ट्रगान किया। स्कूल परिसर के साथ जुड़ी यादों को साझा भी किया। इस दौरान स्कूल की प्राचार्य निशीता दास ने स्कूल के गोल्डन जुबली वर्ष के दौरान पूर्व विद्यार्थियों का मिलन समारोह करने के लिए सभी को बधाई दी।
 
              विद्यार्थियों ने भविष्य में संस्थान को और ऊँचाई पर ले जाने के लिए अपनी तरफ से योगदान का संकल्प लिया। 
 
                 मिलन समारोह में बर्जेश स्कूल के अपने शिक्षकों सी बानवर, ए के पॉल, एस मैथ्यूज, डॉ हर्षा शर्मा, सी.के झा, वर्षा राम, वन्या वाजपेयी, एस पीटर, जावेद अली, एम जीनस, ए.ए. लुका, हिमान्शु पुनवा और प्रमोद विश्वकर्मा के आने पर सभी ने प्रसन्नता  जाहिर की। सभी विद्यार्थियों ने आयोजन की रूपरेखा तैयार कर सफल बनाने के लिए बिलासपुर के अपने सहयोगियों का आभार भी जताया।

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