आरोपियों पर मेहरबानी क्यों..?

sp office 1बिलासपुर—नवरात्री के समय यश पैलेस में डाडिंया के दौरान बाउंसर के साथ टिकरापारा के लोगो से विवाद हो गया था। घटना के दो दिन बाद टिकरापारा के कुछ नाबालिगों ने बाउंस गैंग को मारने प्लान बनाया। लेकिन आपसी विवाद में गोली चल गई। जिसमें एक व्यक्ति घायल भी हो गया था।  मामले में कोतवाली पुलिस में 19 लोगो के खिलाफ नाम जद रिपोर्ट दर्ज है। अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। सात लोगों को पकडने में पुलिस कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।

नवरात्री के दौरान 16 अक्टूबर को यश पैलेस में डाड़िंया के दौरान बांउसर और कुछ युवको के बीच कार्यक्रम में होने को लेकर विवाद हो गया था।  जरहाभांठा और टिकरापारा के कुछ युवकों का बाउंसर के बीच के विवाद ने बाद में खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। गांधीचौक में 17 अक्टूबर की रात हुई मारपीट के घटना से इसकी पुष्टी भी पुलिस ने की थी। मामला दर्ज कर कार्रवाई करने का आश्वान पुलिस ने दिया था। आश्वासन के बाद पुलिस ने मामले की ओर ध्यान नहीं दिया। जिसका परिणाम यह हुआ कि 20 अक्टूबर को टिकरापारा में एक नाबालिक युवक को गोली लगी । मामला बाउंसर और युवकों के बीच विवाद से जुड़ा हुआ था।

                           साथियों के बीच गोली चलने से एक नाबालिक गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे उपचार के लिए अपोलो हास्पिटल भर्ती करवाया गया। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने 19 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसमें कुछ नाबालिग भी शामिल थे।  ग्यारह युवको को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने फऱार सात आरोपियों को जल्द ही हिरासत में लेने की बात कही थी। दो माह बीत जाने के बाद भी आरोपी फरार आरोपियों की तलाश पुलिस नहीं कर पायी है। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार मामले में आरोपियो के परिजनो ने धोखे से गोली चलने और सभी युवको को अच्छे घरों का बताकर मामले में कार्रवाई नहीं  करने के लिए  पुलिस कप्तान को ज्ञापन सौंपा है।

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