मड़ई में 4 गायों की मौत..कलेक्टर सारांश मित्तर ने दिया जांच का आदेश..कहा दोषी को नहीं छोड़ेंगे

बिलासपुर—-गायों की मौत का सिलसिला थमने का नाम ही नही ले रहा है। कुछ दिनों पहले ही तखतपुर के मेड़पार में हुए 47 गायों के मौत का मामला अभी ठंडा भी नही था। इसी बीच सीपत के ग्राम मड़ई में चार गायों की मौत का मामला प्रकाश में आया है। एक बार फिर गायों की मौत को लेकर जिले में हलचल मच गयी है। खबर के बाद कलेक्टर डॉ.सारांश मित्तर ने गायों की मौत को लेकर जांच का आदेश दिया है।
 
                          जानकारी के  अनुसार बुधवार की सुबह शाला विकास समिति के अध्यक्ष शिवनाथ मौके पर पहुँचे। 4 गायों को मृत अवस्था मे देख भौचक्क रह गए। उन्होंने इसकी जानकारी अपने  अधिकारियों को दी। जानकारी मिलते ही शाला परिसर में ग्रामीणों का मजमा लग गया। इधर गायों की मौत के मामले में गांव के सरपंच समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी घटना स्थल पहुंचकर अनभिज्ञता जाहिर किया।
 
                     बहरहाल गायों की मौत की जानकारी के बाद लोगों में जमकर आक्रोश है। लोगों ने एक बार फिर सवाल करना शुरू कर दिया है। अब तक गायों की मौत के पीछे की वजह स्पष्ट भी नही हो सका है। हालाकि मृत गायों का पोस्टमार्टम कराने के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल सभी को रिपोर्ट का इंतजार है। 
 
नायब तहसीलदार,, गायों की मौत मामले में होगी जांच
 
              ग्राम मड़ाई में चार गायों की संदिग्ध मौत की सूचना जिला प्रशासन को हुई। नायब तहसीलदार संध्या नामदेव मौके पर पहुँची। उन्होंने स्थानीय लोगो के साथ जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा की। फिलहाल गायों की मौत की वजह साफ नही हो सकी है। संध्या नामदेव ने बताया कि गांव में प्राथमिक शाला के अतिरिक्त भवन में हुए गायों की मौत को लेकर कलेक्टर ने जांच का आदेश दिया है। 
 
कलेक्टर ने दिया जांच का आदेश..एफआईआर दर्ज कराने को कहा
       
                  मामले में जिला कलेक्टर ने कहा..प्रारम्भिक खोजबीन के दौरान जानकारी मिली है कि इसके पीछे कुछ बदमाशों की करतूत है। मंगलवार देर शाम कुछ बदमाशों ने चार पांच गायों को पंचायत के अन्दर बंन्द कर दिया। इसके बाद बाहर से मोटे तार से गेट को जाम भी  कर दिया। ताकि गाय बाहर नहीं निकल सके। सुबह चार गायों की मौत की जानकारी मिली।
 
     कलेक्टर ने बताया कि रोका छेका अभियान का यहां सवाल ही नहीं उठता है। इसके पीछे कुछ बदमाशों की साजिश है। इस समय सरपंच और स्थानीय अधिकारी थाना पहुंचकर अज्ञात दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा रहे हैं। पुलिस कप्तान ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज के साथ ही आरोपियों की धरपकड़ का आदेश दिया है।
 
      डॉ. मित्तर ने बताया कि आरोपियों को छोड़ा नहीं जाएगा।
 
 
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