विकास कार्यो मे तेजी से नक्सलियों का मनोबल गिरा-रमन

delhi_cm_meetनई दिल्ली।शनिवार को नई दिल्ली मे मुख्यमंत्री डा रमन सिंह अन्तर्राज्यीय परिषद की बैठक मे शामिल हुए। बैठक मे मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मई 2015 के बस्तर प्रवास के बाद से ही सर्वाधिक नक्सल प्रभावित दक्षिण बस्तर क्षेत्र में मैदानी परिस्थितियों में व्यापक सकारात्मक बदलाव आया है । आधारभूत संरचना में सुधार जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है । उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष हमने इस दुर्गम क्षेत्र में 220 किलोमीटर सड़क और रावघाट रेल लाईन के निर्माण में सफलता प्राप्त की है ।  उन्होंने कहा कि विकास कार्यो में  गति आने से नक्सलियों का मनोबल तेजी से नीचे गिरा है । उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास के लिए प्रस्तावित बस्तर विकास योजना को भी शीघ्र स्वीकृत करने की मांग की । इससे बस्तर में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में मदद मिलेगी और यह देश में आतंरिक सुरक्षा की दिशा भी तय करेगी ।

                           मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को अनुदान, सेवा और अन्य योजनाओं के लाभ सुचारू रूप से पहुंचाने के लिए मोबाईल नेटवर्क और आप्टिकल फाइबर केबल सुविधाओं का तीव्र्र विस्तार आवश्यक है । उन्होंने कहा कि इससे जनधन , आधार और मोबाईल ; श्र।ड द्ध की परिकल्पना को शीघ्र साकार करने में मदद मिलेगी । डॉ. रमन सिंह आज नई दिल्ली में अन्तर्राज्य परिषद की बैठक में संबोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित जिलों में आधार कार्ड के पंजीयन और वितरण में जिला प्रशासन का सहयोग लिया जाये । इससे दूरस्थ इलाकों में भी शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी । परिषद की बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की । बैठक में केन्द्रीय मंत्रीगण और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री गण भी उपस्थित थे ।
छत्तीसगढ़ मंे जनधन योजना का लाभ 99.98 प्रतिशत और आधार कार्ड का 95 प्रतिशत आबादी ने लाभ उठाया है । उन्होंने कहा कि बैंक खातों में मोबाईल नम्बर लिंकिग के प्रतिशत में भी तेजी से सुधार की आवश्यकता है । इसके लिए उन्होंने वित्त मंत्रालय के माध्यम से बैंको को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया । मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में आधार के प्रयोग से लगभग 1.5 लाख डुप्लीकेट यूनिट राशनकार्ड को डाटाबेस से हटाया गया है । उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान , मक्का एवं चना उपार्जन के लिए आधार का प्रयोग किया गया है । राज्य में कृषकों को अपनी उपज की राशि सीधे खातों में हस्तांतरित की जा रही है । गत वर्ष राज्य में लगभग 11 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर 8 हजार 430 करोड़ की राशि खातों में जमा की गयी है । अन्य विभागों की हितग्राही मूलक योजनाओं जैसे सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं , छात्रवृत्ति योजना , मनरेगा आदि की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा की गयी है ।
छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में हुई उतरोत्तर प्रगति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक स्तर पर 98.76 प्रतिशत और पूर्व माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों का दर्ज प्रतिशत 92.35 प्रतिशत हो गया है तथा ड्राप आउट रेट घटकर प्राथमिक शालाओं में 0.81 प्रतिशत और पूर्व माध्यमिक स्तर पर केवल 1.02 प्रतिशत रह गया है । उन्होंने बताया कि प्रदेश में शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान प्रारंभ किया गया है , इससे शिक्षक और विद्यार्थियों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है ।

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