सुरक्षित पत्रकार…सुरक्षित लोकतंत्र

IMG_41951377971990रायगढ़—पत्रकारो का सम्मान और पत्रकार सुरक्षा कानून पत्रकारो को आवश्यकता विषय पर रायगढ़ में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में छत्तीसगढ समेत देश के नामचीन पत्रकार और विद्धानों ने अपने विचार जाहिर किये। मंच से कमोबेश सभी लोगों ने मतभेदों को दरकिनार पत्रकार हित में एक होने का आह्वान किया। सभी वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षित लोकतंत्र…पत्रकारों की सुरक्षा में है।

                     कार्यशाला में उपस्थित लोगों के सामने वरिष्ठ पत्रकारों ने पत्रकार सुरक्षा कानून को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की। साथ ही सभी पत्रकारों से अपील करते हुए कहा कि एकता में ही सफलता का राज छिपा है। इस मौके पर अतिथियों ने कार्यक्रम के आयोजक,राज गोस्वामी, अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद शर्मा ,राष्ट्रीय महासचिव शहनाज़ मलेक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नितिन सिन्हा, राष्ट्रीय महासचिव महफूज़ खान ,राष्ट्रीय सचिव राकेश प्रताप सिंह परिहार ,प्रदेश उपाध्यक्ष शराफत अली, प्रदेश संयोजक हरियाणा जगदीश यादव,दिनेश स्वामी, देवेंद्र सिंह की जमकर तारीफ की।

                        मंच से वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए मै हर उस संघर्ष के लिए तैयार हूं..जब तक सरकार कानून बनाती है। संघर्ष के लिए अगर सड़क में उतरना पड़े तो मैं अपने पत्रकार भाइयों के लिए तैयार हूं। लेकिन संघर्ष का तरीका लोकतांत्रिका होना चाहिए। क्योंकि पत्रकार लोकतंत्र का सबसे बड़ा प्रहरी होता है।

               वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार गिरीश पंकज ने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए हमें अपने अहम और द्वेष की भावना छोड़ना होगा। संघर्ष के लिए तैयार हर पल तैयार रहना होगा। इस लड़ाई को हम एक होकर ही जीतेंगे। यदि पत्रकार तय कर लेगा तो पत्रकार सुरक्षा कानून बनकर ही रहेगा। पत्रकारों की सुरक्षा में ही लोकतंत्र सुरक्षित है।

                           वरिष्ठ पत्रकार राधावल्लभ ने युवा पत्रकारों का आह्वान करते हुए कहा कि तरीके और माध्यम अलग हो सकते हैं लेकिन हम एक हैं। कोई इलेक्टानिक मीडिया से हो सकता है तो कोई प्रिंट से…कोई साप्ताहिक से हो सकता है तो कोई पोर्टल से…लेकिन हैं सभी पत्रकार। इसलिए प्रसार भारती में काम करने वालों को भी पत्रकार माना जाए। हम अंतिम दम तक पत्रकारों की लड़ाई लडेंगे।

        अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय महासचिव शहनाज़ मलक ने कहा हमने जिस प्रयास के लिए अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति का गठन किया…धीरे धीरे वह सार्थक होता दिखाई देने लगा है। छत्तीसगढ़ के पत्रकारों में अपार ऊर्जा है। अब हमने सम्मेलन के दायरे को बढ़ाने का निश्चय किया है। राष्ट्रीय महासम्मेलन का अायोजन कर पत्रकारो के सभी संगठनों को एक मंच में लाने प्रयास किया जायेगा। मुझे उम्मीद ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि यह होकर रहेगा। हमारी एकता के सामने सरकार को पत्रकार सुरक्षा कानून बनाना ही होगा।

                           जगदीश यादव ने कहा कि एकता में ही ताकत है। अभी तक हमने जिस तरह से एकता का परिचय दिया है..उसे बरकरार रखने की जरूरत है। एक दिन सरकार हमारी एकता के सामने झुकेगी। पत्रकार सुरक्षा कानून बनकर रहेगा।

                            कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ के प्रदेश महामंत्री अमित गौतम, उपाध्यक्ष लक्ष्मी सोनी राजनांदगांव, पिसा राजेंद्र जिला अध्यक्ष सुकमा, सेवक दास दीवान प्रदेश सलाहकार, दुर्ग संभागीय पत्रकार संघ सरंक्षक अनिल साकरे ने हिस्सा लिया। पत्रकार कल्याण परिषद प्रदेश अध्यक्ष अनीश लाला दानी, छत्तीसगढ़ सक्रिय पत्रकार संघ आलोक पाण्डे, सौरभ अग्रवाल ,संजय चौहान , अशोक भगत और अन्य साथियों ने कार्यक्रम का समर्थन किया। एम.पी. जर्नलिस्ट वर्किंग यूनियन ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराने की बात कही। आंदोलन को प्रदेश के कोने कोने तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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