फाइट फार राइट ने दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम

IMG20170124132050बिलासपुर— सेमरताल और घुटकू के ग्रामीणों ने एक्टिविस्ट दिलीप अग्रवाल की अगुवाई में जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। ग्रामीणों ने सेमरताल सेवा सहकारी समिति और घुटकु  बचत बैंक में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियेां के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आंदोलन और चक्काजाम करने की चेतावनी भी दी।

                 सभी ग्रामीण दिलीप अग्रवाल के साथ कलेक्टर कार्यालय के बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी गए। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।

                                                                               दिलीप अग्रवाल की अगुवाई में सेमरताल सेवा सहकारी समिति और घुटकु  बचत बैंक  के खाताधारक फॅाइट फार राइट के पदाधिकारियों के साथ जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। आक्रोशित खाताधारकों ने नारेबाजी करते हुए नेहरू चौक से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। फाइट फार राइट के पदाधिकारी दिलीप अग्रवाल ने बताया कि पूर्व में आंदोलन के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि घुटकू बचत बैंक और सेमरताल सेवा सहकारी समिति के खातेधारकों की राशि ब्याज सहित लौटायी जाएगी। लेकिन व्याज तो दूर कई खाताधारकों को आज तक मूलधन भी नहीं मिला है।

                   दिलीप ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया है कि आंदोलन के समय आश्वासन दिया गया था कि समितियों को भंग कर नयी समिति का गठन किया जाएगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। जिला प्रशासन ने यू टर्न लेते हुए डिफाल्टर लोगों से ही धान की खरीदी करवाया। जिन पर लाखों  करोड़ों रूपए का घोटाला है। जांच भी चल रही है। कई लोग तो ऐसे भी हैं जिनका अभी सीबीआई से पूछताछ होना है। दिलीप ने बताया कि धान खरीदी में भारी गड़बड़ी सामने आ रही है। किसानों से निर्धारित  मात्रा से अधिक प्रति बोरी चालिस के वजाय 41 किलो धान लिया जा रहा है। किसान जब विरोध करते हैं तो प्रबंधक धान नहीं खरीदने की धमकी देता है।

                 दिलीप ने बताया कि कई धान खरीदी केन्द्र ऐसे भी हैं जहां किसानों से 40 की जगह 43 किलो धान लिया जा रहा है। पंजीयन में चालिस किलो ही लिखा जा रहा है।

             दिलीप ने सिटी मजिस्ट्रेट वीरेन्द्र लकड़ा को बताया कि जिला सहकारी बैंक में 131  लोगों को नियम कानून को ताक पर रखकर प्रमोशन दिया गया। कई लोग तो ऐसे हैं जिन्होने सिर्फ एक साल में चार चार प्रमोशन लिया। जांच के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई। नियम विरूद्ध प्रमोशन पाने और देने वालों के खिलाफ कारकर कदम नहीं उठाया गया है। इससे जाहिर होता है कि दाल में काला नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली है।

                    फाइट फॉर राइट के पदाधिकारियों ने बताया कि यदि 72 घंटे के अन्दर उनके मांग पर कार्रवाई नहीं होती है तो सभी खाताधारक उग्र आंदोलन के साथ चक्काजाम करेंगे।

 

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