डाउन सिन्ड्रोम डे पर एसईसीएल में विशेष कार्यक्रम

press photo 21-03-17 oriबिलासपुर—-एसईसीएल में ’’वर्ल्ड डाउन सिंड्रोम दिवस  मनाया गया। इंदिरा विहार स्थित स्वास्थ्य केन्द्र में एसईसीएल निदेशक कार्मिक डाॅ. आर.एस. झा के निदेशन, डाॅ. मिनाक्षी देव के मुख्य आतिथ्य में पीडित बच्चों और उनके पालकों को डाउन सिन्ड्रोंम के बारे में जानकारी दी गयी। इस दौरान इंदिरा विहार स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी एम. टिकास समेत चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ भी मौजूद था।
              मुख्य चिकित्सक मिनाक्षी देव ने बताया कि डाउन सिन्ड्रोम ट्राइसोमी 21 भी कहा जाता है। पालकों को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि यह एक जेनेटिक डिसआॅर्डर है। क्रोमोसोम 21 की एक तिहाई प्रति या सभी की उपस्थिति के कारण होता है । डाउन सिन्ड्रोम के साथ एक युवा वयस्क 8-9 साल के बच्चे की मानसिक क्षमता रखता है। प्रभावित व्यक्ति के माता-पिता आमतौर पर आनुवांशिक रूप से सामान्य होते हैं । गर्भावस्था के दौरान या प्रत्यक्ष निरीक्षण और आनुवांशिक परीक्षण के दौरान डाउन सिंड्रोम को पहचाना जा सकता है ।
             श्रीमती देव ने बताया कि डाउन सिन्ड्रोम में सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए नियमित स्क्रीनिंग जीवन में जरूरी   है । डाउन सिन्ड्रोम से पीड़ित बच्चे की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षा और उचित देखभाल की जरूरत होती है। इस अवसर पर इंदिरा विहार स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डाॅ. एम. टिकास ने डाउन सिन्ड्रोम से पीड़ित बच्चों के अभिभावकों से कहा कि बच्चों की सही देखभाल कर उन्हें समाज के मुख्य धारा में लाया जा सकता है । बच्चों को स्वावलंबी बनाया जा सकता है ।  कार्यक्रम का संचालन डाॅ. श्रीमती रीता तिर्की ने किया।

loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...