ईंटभठ्ठा व्यसायियों का नंगा नाच..नींद में खनिज विभाग

IMG_20160207_121304  बिलासपुर– बिलासपुर के आस पास क्षेत्र में ईंटभठ्ठा व्यवसायियों को खनिज विभाग से अभयदान हासिल है। सूचना के बाद भी खनिज विभाग कार्रवाई से परहेज करता है..जिसके कारण ईंटभठ्ठा व्यवसायियों के हौसले बुलंद हैं। जगजाहिर भी है कि खनिज विभाग ईंटभठ्ठा व्यवसायियों के साथ साफ्ट कार्नर रखता हैं। जिस तरह रेतघाट के सरंपचों के साथ रखता है।

                       ईटभठ्ठा से गांव के गांव और खेत के खेत उजड़ रहे हैं। अधिकारी फोन पर तो तत्काल कार्रवाई का आश्वासन देते हैं। बाद में नियमों का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। विभागीय कर्मचारियों की माने तो साहब को पुराने अधिकारियों के चहेतों को किनारे लगाने में फुर्सत मिलेगी इसके बाद ही तो अवैध कारोबार पर नकेल कसेंगे।

                                   जानकारी के अनुसार मशहूर कंपनी  पर कार्रवाई के बाद खनिज अधिकारी काफी डरे हुए हैं। आजकल छापा मारने से पहले व्यवसायी का बायोडाटा लेते हैं। जिसके चलते खनिज माफियों के हौसले बुलंद है। किसी ने शिकायत की भी तो फर्जी तरीके से कार्रवाई कर मामले को रफा दफा कर दिया जाता है।

                                       पौंसरा और परसदा में अवैध ईंटभठ्ठा खुलेआम चल रहा है। सरकारी से लेकर निजी जमीन पर ईंट का अवैध कारोबार किया जा रहा है। लेकिन खनिज विभाग शिकायतों को लगातार अनसुना कर रहा है। जिसके चलते किसान और आम ग्रामीणों का जीना हराम हो गया है। भठ्ठे के गर्दों गुबार से फसलें बरबाद हो रही हैं। ग्रामीणों की मानें तो अवैध ईटभठ्ठा की कई बार शिकायत हुई। लेकिन खनिज विभाग से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। कार्रवाई नहीं होने से अवैध व्यवसायियों के हौसले बुलंद हैं। अब तो शिकायत करने वालों को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। IMG_20160207_121649

                                 एक सप्ताह पहले पोंसरा और परसदा से अवैध ईंटभठ्ठा की जानकारी दी गयी । लेकिन खनिज अधिकारी ने मामले में कुछ नीतियों का हवाला देकर कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। आर.मालवे ने बताया कि प्रजापति समाज को शासन से ग्राम पंचायत से अनुमति मिलने के बाद ईंटभठ्ठा लगाने का अधिकार है। इसलिए इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। उन्होने कहा कि कार्रवाई से पहले छानबीन करूंगा। यदि नियमों का पालन नहीं किया गया होगा तो कार्रवाई होगी। बावजूद इसके किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई।

          जानकारी के अनुसार पोंसरा और परसदा अवैध ईटभठ्ठा व्यवसायी और खनिज विभाग में मिली भगत है। यही कारण है कि सालों से भठ्ठा चलने के बाद भी खनिज विभाग का अमला यहां नहीं पहुंचा।  सरपंच ने बताया कि अकेले पोंसरा में पांच अवैध ईंटभठ्ठा हैं। परसदा में अवैध ईंटभठ्ठा की संख्या चार है। इसकी जानकारी खनिज विभाग को भी है। हमने कई बार शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि अब तो फैसला लोकसुराज अभियान में ही होगा।

रसूखदारों का है भठ्ठा

                       IMG_20160207_115100  सहोरन पांडे के अलावा पोंसरा परसदा में ठाकुर और ब्राम्हणों का भठ्ठा चलता है। सभी लोग रसूखदार हैं। इस बात की जानकारी खनिज अधिकारी को भी है। पांडे का बहाना बताकर खनिज विभाग कार्रवाई से बचना चाहता है।ग्रामीणों ने बताया कि खनिज विभाग की मिली भगत के खेल में क्षेत्र के सक्रिय रेतमाफिया भी चांदी काट रही हैं। इनमें कुछ भाजपा तो कुछ कांग्रेस के नेता हैं।

            ग्रामीणों के अनुसार खनिज विभाग की कार्रवाई केवल गरीबों पर होती है। यदि दम है तो रसूखदारों पर कार्रवाई करके दिखाए। ऐसा संभव नहीं है। क्योंकि खनिज विभाग की इनसे अच्छी छनती है।

तीन दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

                  पौंसरा सरपंच ने तीन दिन पहले क्षेत्र में अवैध भठ्ठों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवेदन दिया। खनिज अधिकारी मालवे ने बताया कि लिखित शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई होगी। तीन दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। सरपंच ने बताया कि रसूखदारों को खबर मिल गयी है कि मैने शिकायत की है। अब जीना मुश्किल हो जाएगा।

फसल और जमीन बरबाद

             पोंसरा और परसदा के ग्रामीणों ने् बताया कि ईंटभठ्ठा से फसल प्रभावित हो रही है। सड़कें बरबाद हो गयी हैं। ईटभठ्ठा व्यवसायी किसी की जमीन से  रास्ता निकाल लेते हैं। मना करने पर धमकी देते हैं। शिकायत करने से कोई फायदा नहीं है। क्योंकि अधिकारी गांव आएंगे घूम फिरकर,हाथ मिलाकर चले जाएंगे। ईंटभठ्ठा व्यवसायी नंगा नाच करता रहेगा। वह दिन दूर नहीं जब खेत रेगिस्तान बन जाएगा।

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