प्रकृति कुपित हुई तो विनाश तय-शैलेष

nature_club_2♦सकरी-कोटा मार्ग में पेड़ काटने के विरोध में बनाई गई विशाल मानव श्रंृखला
♦सकरी से कोटा तक पहुंचे हजारों प्रकृति प्रेमी 
♦सीवीआरयू व नेचर क्लब का संयुक्त अभियान
बिलासपुर। सकरी से कोटा तक फोरलेन निर्माण के लिए 4 हजार पेड़ों की कटाई के विरोध में रविवार को डाॅ.सी.वी.रामन् विश्वविद्यालय और नेचर क्लब द्वारा विशाल मानव श्रृंखला बनाई गई। लगभग 25 किलोमीटर तक विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों,प्राध्यापकों,नेचर क्लब के सदस्यों और शहर के प्रकृति प्रेमियों ने एक दूसरे के हाथ पकड़े वृक्ष बचाओ का संदेश दिया। इस दौरान हजारों की संख्या में प्रकृति प्रेमी मौजूद रहे और सभी ने शासन प्रशासन को किसी भी कीमत पर इस पेड़ों के नहीं कटने देने का संकल्प लिया।

                                        nature_club_3रविवार की सुबह से शहर से लोगों को जथ्था,युवाओं की टोली, दो पहिया व चार पहिया सवार लोग कोटा रोड़ की ओर जाते नजर आए। महिला,बुजुर्ग,बच्चें सहित सभी वर्ग के लोगों का काफिला हाथ में वृक्ष बचाओं पोस्टर में संदेश लिए चल पड़ा था। एक ओर शहर के लोगों काफिला कोटा रोड़ निकल पड़ा था, वहीं दूसरी ओर सड़क के दोनों किनारों और भीतरी बसाहट के गांव के लोग और जन प्रतिनिधी मुख्य मार्ग में एकट्टे होने लगे थे। इसी तरह डाॅ.सी.वी.रामन् विश्वविद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थी भी पेड़ बचाव के नारे लगाते मौके पर पहंुचे। लगभग सुबह 9 बजे सकरी से कोटा तक विशाल मानव श्रृंखला बनाई गई। सड़क के दोनों किनारों में हजारों लोग एक दूसरे का हाथ पकड़े नजर आए। 25 किलोमीटर की दूरी सिर्फ एक हाथ के फासले में ही सिमटी नजर आई।

                                       हजारों लोगों ने सकरी से कोटा रोड़ में लगे 4 हजार पेड़ों की कटाई का विरोध किया गया। आओ मिलकर हाथ मिलाए कोटा रोड के पेड़ बचाएं।वृक्ष बचाने के लिए हम सब एक हैं। पेड़ बचेंगे, जल बचेगा, जीवन बचेगा…। पेड़ हमारे,गांव हमारा,सड़क हमारी…जैसे हजारों संदेष लोगों प्राकृति बचाव का नारा लगाया। शहर से लेकर गांव और वनांचल से आए लोगों के एकजुट होकर कोटा रोड़ के पेड़ काटे जाने का जमकर विरोध किया। इस अवसर पर नेचर क्लब के सदस्य, चिकित्सक, इंजीनियर्स, स्कूली विद्यार्थी,विष्वविद्यालय के विद्यार्थी सहित बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी शामिल हुए।

ट्रेफिक का दबाव नहीं, चौड़ीकरण क्यों-शैलेष
nature_club_bsp1इस अवसर पर डाॅ.सी.वी.रामन् विश्वविद्यालय के कुलसचिव शैलेष पाण्डेय ने कहा कि बचपन मे स्कूल में किताबो में पढ़ाया गया है कि वृक्षो को नही काटना चाहिए और अपने बच्चों को भी यही पढ़ा रहे है लेकिन बिलासपुर से कोटा मार्ग में 4000 पेड़ काटे जाने वाले है यह अत्यंत दुख की बात है, जरा सोचिए वो प्यारे पक्षी जिनका घर ही वृक्ष है जिनके छोटे बच्चे इन पेड़ों में रहते हैं उनका क्या होगा? जब पेड़ ही नही रहेंगे तो वो सब गर्मी में मर जायेंगे। पेड़ो में भी जान होती है, वो भी काट दिए जाएंगे तो इंसान उनकी छांव में कहाँ बैठेगा, कहाँ विश्राम करेगा। कितना नुकसान होगा इस विकास की लहर में। विकास की ये शर्ते बड़ी दुख दाई है।इस रोड में न तो ज्यादा ट्रैफिक है तो किस लिए प्रकृति को कुपित किया जा रहा है। यह प्रकृति कुपित हुइ्र तो विनाष तय है। कोई सुनने को तैयार नही है। आज बिलासपुर से कोटा के बीच कई स्थानों में मानव श्रृंखला सरकार से गुहार लगाने के लिए बनाई गई है जिसमे बिलासपुर और कोटा के युवक, युवतियों,समाज के लोगो ने,चिकित्सको ने छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया और सभी से जागरूक होने की अपील किया। आईये हम सब इस अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर प्रकृति को नष्ट होने से बचाये।

इन गांव के जनप्रतिनिधी और लोग हुए शामिल
विशाल मानव श्रृंखला में सकरी,परसदा, भरनी, चोरभट्टी कला, चोरभट्टीखुर्द, गनियारी, भुंडा, भरारी, मोहनाभाठा, पथर्रा, पीपरतराई, अमने, कोटा सहित कोटा के आगे वनांचल के लोग शामिल हुए। इस दौरान गांव के सरपंच,उप सरपंच सभी मुखिया ने पेड़ कटाई का विरोध करने की बात कही।

सीवीआरयू के एनएसएस के विद्यार्थी ने चलाया है जागरूकता अभियान
बीते 1 पखवाड़े से डाॅ.सी.वी.रामन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रकृति बचाओ का अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान एनएसएस के विद्यार्थी गांव गांव जाकर यह संदेश दे रहे हैं। साथ लोगों को जानकारी दी जा रही है कि पेड़ों से ही जीवन है। विशाल मानव श्रृंखला में सीवीआरयू के एनएसएस ईकाई के विद्यार्थी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

वृक्ष मित्रों ने दिया वृक्ष बचाने का संदेश 

मानव श्रृखंला के दौरान वृक्ष मित्रों ने वृक्ष बचाने का संदेश दिया.। पर्यावरण संरक्षण के नारे लगाए। जन स्वास्थ्य सहयोग केंद्र गनियारी के चिकित्सा कर्मियों ने गीतों के माध्यम से पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।  डा.सी.वी.रमन विश्वविद्यालय के कुल सचिव शैलेष पांडेय, शिवा मिश्रा,  आम आदमी पार्टी के नेता प्रथमेश मिश्रा, जसबीर सिंह, नंद कश्यप, कुमार गौरव,सविता प्रथमेश, डा.अविजित रायजादा, पर्यावरण प्रेमी डा.रश्मि बुधिया, शैलेष शुक्ला, डा.सुरेशचंद्र शर्मा, हर्ष द्विवेदी, जनता कांग्रेस नेता वाणी राव, टेसू केशरवानी, सुबीर राय, एस.पी.चतुर्वेदी, दिव्या बाजपेयी,भागवत साहू,समेत सभी गांव के ग्रामीण, पंच,सरपंच, के साथ हजा़रों नागरिकों ने मानव श्रृंखला में योगदान दिया।

Comments

  1. By A SAJUMDAR

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