अमेरी के प्राइमरी स्कूल में किस बाइक सवार ने बांटी जहरीली टाफियां….?10 बच्चों की हालत बिगड़ी

IMG-20171004-WA0007बिलासपुर। शहर से लगे अमेरी गांव के प्रायमरी स्कूल में बुधवार की सुबह एक अनजान आदमी ने टाफी बांटी। जिसे खाने से स्कूल में पढ़ने वाले करीब 10 बच्चे बीमार हो गए । इन बच्चों को  गंभीर हालत में सिम्स में दाखिल किया गया है। जहां बच्चों की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। यह घटना बड़ी हो सकती थी। लेकिन स्कूल की शिक्षिकाओँ की तत्परता से स्थिति संभल गई।

मिली जानकारी के मुताबिक अमेरी में सड़क किनारे सरकारी प्रायमरी स्कूल है। जो सुबह 7 से 12 बजे के बीच लगता है। बुधवार की सुबह करीब 10 बजे स्कूल के बच्चों ने रोज की तरह मध्यान्ह भोजन किया। इसके बाद सभी बच्चे अपनी-अपनी थालियां धोने के लिए स्कूल की बाउन्ड्री के बाहर नल में पहुंचे थे। इसी बीच कोई बाइक सवार वहां पहुंचा और यह कहकर उन्हे टाफियां बांटने लगा कि यह दुर्गा का प्रसाद है। वह टाफियां एक टिफिन में लेकर आया था और कुछ टाफियां बांटने के बाद वह बच्चों के हाथ में ही टिफिन थमाकर चला गया। IMG-20171004-WA0009

तब तक करीब 8-10 बच्चों तक टाफियां पहुंच चुकी थीं और वे खाई मिलने की खुशी में शोर मचाते हुए स्कूल के भीतर दाखिल हुए। इसी बीच स्कूल की शिक्षिकाओँ का भी टिफिन टाइम हो चुका था और वे अपने टिफिन खोलकर खाने की तैयारी में थीं। उन्हे भी बच्चों का शोर सुनाई दिया ।और वे अपने टिफिन छोड़कर बच्चों की तरफ लपकीं। उन्हे टाफी खाने से मना किया। जब पता चला कि 8-10 बच्चे टाफी खा चुके हैं तो उन्होने बच्चों के मुंह से टाफी बाहर कराया। जब तक बच्चों की हालत बिगड़ने लगी थी।

स्कूल की शिक्षिका रुपांजलि थवाइत ने बताया कि हालत बिगड़ती देख बच्चों को तुरत सिम्स लाया गया। सिम्स में दाखिल किए गए बच्चों में विनय जाँगड़े पिता लालजी जाँगड़े कक्षा चौथी, पायल बंजारे पिता हेमचंद बंजारे कक्षा तीसरी, मीनाक्षी यादव पिता उधोराम यादव कक्षा दूसरी, सतीश कक्षा चौथी, अर्चना यादव पिता मनोज यादव कक्षा पहली, उसकी बहन वंदना यादव कक्षा तीसरी, निमा पिता जवाहर यादव कक्षा तीसरी,सोनम कुशवाहा पिता संजय कुशवाहा कक्षा दूसरी, आंचल डहरिया पिता धनु डहरिया कक्षा दूसरी और आरती यादव पिता गोविंद यादव कक्षा पहली के नाम शामिल हैं। IMG-20171004-WA0006

सिम्स में इलाज के बाद बच्चों की हालत में सुधार है। डाक्टरों के अनुसार सभी बच्चे जल्दी ही सामान्य स्थिति में आ जाएंगे।

समझा जा सकता है कि स्कूल की शिक्षिकाओँ की तत्परता से बड़ी घटना टल गई। शहर से लगे बहतराई में भी अभी कुछ दिन पहले ही इस तरह की घटना हुई थी। जब गणेश विसर्जन के दौरान पंडाल पर खेल रहे बच्चों को नकाबपोश लोगों ने इसी तरह टाफी बांटी थी। उनकी हालत भी इससे खराब हुई और उनका इलाज कराया गया था। इसके बाद सभी स्कूलों को इस तरह के तत्वों पर नजर रखने की हिदायत दी गई थी।

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