राज्य महिला आयोग की सुनवाई…कई मामले दर्ज

बिलासपुर— जिला कलेक्टर कार्यालय के मंथन सभागार में महिला आयोग सदस्य हर्षिता पाण्डेय ने महिलाओं की समस्याओं को सुना। आयोग के सामने जिले के करीब डेढ़ 2 दर्जन से अधिक मामले सामने आए। जिसमें से  11 मामलों पर सुनवाई करते हुए हर्षिता पाण्डेय ने पीडित महिलाओं के परिजनों को भी बुलवाया। सुनवाई के दौरान कार्यालयीन महिलाओं से जुड़ी शिकायतें भी सुनी गई। दो अन्य मामलों में आयोग ने उभय पक्षों की सहमति से प्रकरण दर्ज करने को कहा।

                       दिन भर चले सुनवाई कार्यक्रम में जांजगीर के अलावा बिलासपुर के ग्रामीण क्षेत्रों के पीडित महिलाओं से चर्चा के दौरान सामने आया कि स्कूलों से लेकर किसी भी कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ दोयम व्यवहार किया जाता है। महिला आयोग के सदस्य हर्षिता पाण्डेय ने बताया कि आज की सुनवाई में महिलाओं के साथ मानसिक प्रताड़ना घरेलु हिंसा, समप्ति विवाद, राज्सव संबधि मामले सबसे अधिक दर्ज किये गये हैं। हर्षिता पाण्डेय ने बताया एक मामला वर्जेश स्कूल का भी आया है। जिसमें प्राचार्य निखिता हंसा दास ने आरोप लगाया है कि डायसिस बोर्ड आफ एजुकेशन उनकी नियुक्ति पर ना केवल उंगलिया उठा रहा है बल्कि उनके चरित्र पर कीचड़ भी उछाल रहा है। इसमें स्थानीय बोर्ड के लोग भी शामिल हैं। हंसा का आरोप है कि मेरे खिलाफ छात्रों को भड़काया जा रहा है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने कार्रवाई हेतु निर्देशित किया है।

                                    हर्षिता पाण्डेय ने बताया कि आज लगभग सभी प्रकरणों को गंभीरता के साथ सुनकर पक्ष और विपक्ष दोनों को ही चेतावनी दी गयी है। साथ ही दो अन्य मा़मलों को नस्तीबध्द करने को कहा गया है।

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