Gehlot Vs Pilot: माकन-खड़गे सोनिया को सौपेंगे लिखित रिपोर्ट,MLA’s पर हो सकता है ये एक्शन

Rajasthan Political Crisis: कांग्रेस (Congress) नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) और अजय माकन (Ajay Maken) आज राजस्थान के सियासी संकट (Rajasthan Political Crisis) को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को एक लिखित रिपोर्ट सौंप सकते हैं. अजय माकन के एक बयान के मुताबिक, माना जा रहा है कि गहलोत गुट के कुछ बागी विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) की जा सकती है.

वहीं, राजस्थान के घटनाक्रम के बाद सोनिया गांधी अशोक गहलोत से बेहद नाराज बताई जा रही हैं. कल सोनिया गांधी ने अपने आवास पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को बुलाया था. इसी के साथ अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने पर सवालिया निशान माना जा रहा है.

  1. राजस्थान में गहलोत गुट की बगावत के बाद सचिन पायलट को सीएम बनाने के लिए विधायक दल की बैठक नहीं हो पाई. पर्यवेक्षक के तौर पर राजस्थान भेजे गए मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन विधायकों संग एक भी बैठक नहीं कर पाए. हालांकि, अशोक गहलोत ने उनसे अफसोस जाहिर किया और कहा कि विधायक उनकी भी नहीं सुन रहे हैं.
  2. गहलोत गुट के विधायकों के बागी रुख अपनाने और विधायक दल की बैठक न हो पाने के बाद खड़गे और माकन सोमवार को दिल्ली लौट आए. 
  3. दिल्ली वापस आने पर खड़गे और माकन सीधे 10 जनपथ आवास पर गए और सोनिया गांधी से मुलाकात की. माकन-खड़गे ने राजस्थान के घटनाक्रम को लेकर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सोनिया गांधी को सौंपी.
  4. एक सवाल के जवाब में अजय माकन ने मीडिया से कहा, ‘‘जब कांग्रेस विधायक दल की औपचारिक बैठक बुलाई जाती है और अगर उसके समानांतर कोई भी बैठक की जाती है तो वह प्रथम दृष्टया अनुशासनहीनता है. यह बात हमने कांग्रेस अध्यक्ष के समक्ष रखी है.’’
  5. अब तक के घटनाक्रम के बाद चर्चा है कि अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने पर सवालिया निशान लग गया है. वह 30 सितंबर तक नामांकन दाखिल करेंगे या नहीं, इस पर सबकी नजरें है.

बता दें कि राजस्थान में रविवार रात को कांग्रेस विधायक दल की बैठक सीएम आवास पर होनी थी लेकिन गहलोत गुट के कई विधायक बैठक में नहीं आए. इन विधायकों ने संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल के बंगले पर अलग बैठक की और फिर वहां से विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी से मिलने चले गए.

सूत्रों के मुताबिक, गहलोत गुट के 82 विधायक अपनी अगली कार्रवाई को लेकर एक और बैठक कर सकते हैं. विधायकों का कहना है कि जो व्यक्ति राजस्थान में 2020 के राजनीतिक संकट के दौरान सरकार के साथ खड़ा हुआ था, वही अगला सीएम बने. जुलाई 2020 में सचिन पायलट और पार्टी के 18 विधायकों ने गहलोत के नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह कर दिया था. 

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