Bilaspur हवाई सुविधा की मांग : अखंड धरना आंदोलन में शामिल हुए गायत्री परिवार और मारवाड़ी ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी

बिलासपुर-हवाई सुविधा जन संघर्श समिति का अखंड धरना आंदोलन को चलते हुए आज 55वें दिन गायत्री परिवार बिलासपुर एवं मारवाडी ब्राम्हण समाज के पदाधिकारी बडी संख्या में धरने पर बैठे। प्रातः 10.00 बजे ही गायत्री परिवार के पुरूष एवं महिला सदस्यों का अपने पारम्परिक पीले रंग के परिधान में धरना स्थल आगमन हो गया था। साथ ही मारवाडी ब्राम्हण समाज के सदस्य भी बडी संख्या में आंदोलन में शामिल हुये।आज की सभा को संबोधित करते हुये गायत्री परिवार बिलासपुर के अध्यक्ष सी.पी.सिंह ने कहा कि जब छत्तीसगढ राज्य बना था, तब बिलासपुर में राजधानी बनाने की मांग थी। उस वक्त हाई कोर्ट देकर यह कहा गया था कि बिलासपुर के विकास में रायपुर की तुलना में कोई भी कमी नहीं होने दी जायेगी परन्तु आज 19 साल बाद यह आश्वासन झूठा साबित हुआ है और छत्तीसगढ का विकास केवल रायपुर में केन्द्रित हो गया है। मारवाडी ब्राम्हण समाज के हरिदत्त शर्मा ने कहा कि बिलासपुर से अन्य प्रदेशो मंे यात्रा करने के लिए एक दिन पूरा नष्ट हो जाता है और इस कारण लोग यहां बडा व्यवसाय करने से कतराते है। सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएग्रुप से जुडने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये

इसलिए बिलासपुर में कोई भी बडी कंपनी अपना कार्यालय भी नहीं खोलना चाहती क्यांेकि यहां हवाई सुविधा नहीं है। गायत्री परिवार के ही ओम प्रकाश राठौर, राम कुमार श्रीवास, देवी लाल पटेल ने अपना वक्तव्य देते हुये कहा कि राज्य निर्माण के पहले ही बिलासपुर में वायुदूत की हवाई सुविधा मौजूद थी, उसमें विस्तार करने के बजाय आज तक हमें हवाई सुविधा से वंचित रखा गया है। मारवाडी ब्राम्हण समाज के अषोक शर्मा और सुरेश शर्मा ने कहा कि बिलासपुर में एसईसीएल, रेल्वे जोन, एनटीपीसी, केन्द्रीय विष्वविद्यालय और हाई कोर्ट है। संभवतः यह देष में अकेला शहर है जहां इतने प्रमुख कार्यालय होने के बाद भी एक चालू हवाई अड्डा नही है।

सभा को संबोधित करते हुए गायत्री परिवार के श्रीकान्त षर्मा ने कहा कि उनकी पुरानी कंपनी एसईसीएल अकेले ही 1000 करोड रूपये से अधिक की राॅयल्टी बिलासपुर संभाग से राज्य सरकार को दे रही है। इसी तरह केन्द्र सरकार को भी राजस्व मिल रहा है। अतः बिलासपुर एयरपोर्ट का 4सी केटेगरी में विकास के लिए कोई भी कमी नहीं होनी चाहिए। गायत्री परिवार से ही नंदनी पाटनवार, दीपिका साहू, तारा सोनी सभी महिला वक्ताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज हममे से कई परिवार के बच्चे पुणे-बैंगलौर-हैदराबाद-दिल्ली-मुंबई आदि में या तो पढ रहे है या नौकरी कर रहे हैं।

वे चाह कर भी कई बार अपने घर नही आ पाते क्यांेकि रायपुर से फ्लाईट पकडने में पूरा दिन व्यर्थ हो जाता है। सभा का कुषल संचालन करने वाले बृजेष साहू ने कहा कि हमें आज बिलासपुर से पुणे-हैदराबाद-बैंगलौर समेत दिल्ली-मुंबई और कलकत्ता की हवाई सुविधा चाहिए, न कि बिलासपुर से अंबिकापुर की क्षेत्रीय उडान सेवा जिसका की टेण्डर हाल ही में केन्द्र सरकार ने निकाला हैंे। सभा को मनीष माटोलिया, संजय शर्मा, श्याम मूरत कौशिक, एस.एल.रात्रे आदि ने भी संबोधित किया।

आज धरना आंदोलन में पद्मलोचन श्रीवास, डाॅ. हेमन्त कौषिक, केषव गोरख, उदयराम साहू, पुरूशोत्त्मराम साहू, नरेन्द्र सोनी, गुलाब चंद्र साहू, संजय पिल्ले, गोपाल दुबे, अजय शर्मा, बृजमोहन षर्मा, सोमदत्त शर्मा, हरिदत्त शर्मा, नीरज नसीने, रघुराज सिंह, लक्ष्मीनारायण शर्मा, अजय षर्मा-वकील, अंजनी चतुर्वेदी, संतोष पीपलवा, रामलोचन श्रीवास, अशोक भण्डारी, देवेन्द्र सिंह, बद्री यादव, राजा सिंह, गिरधारी लाल शर्मा, अनिता शर्मा, पप्पू तिवारी,मनमोहर निर्मलकर, श्रवण कुमार सोनवाने, रिंकी प्रसाद पटेल, श्रीकान्त अवस्थी, प्रकाश शर्मा, रामफल श्रीवास, आर.के.श्रीवास, जागेष्वरी साहू, ग्राम प्रसाद श्रीवास, बुधोराम प्रजापति, आर.पटेल, प्रसाद पाटनवार, अतुल कान्त अवस्थी, रमेश मारू एवं सुदीप श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। अखण्ड धरना आंदोलन के 56वें दिन 20 दिसम्बर को जूना बिलासपुर दुर्गोत्सव समिति एवं लायंस क्लब सेवा के प्रतिनिधि धरने पर बैठेगें।

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