मात्र 6 प्रतिशत (एल बी) शिक्षक हड़ताल में,शहर के स्कूलों में डयूटी कर रहे शिक्षको को जबरदस्ती छुट्टी लेने दबाव बनाया जा रहा

बिलासपुर।छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे, नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास राजपूत ने कहा 22 अगस्त के अनिश्चितकालीन आंदोलन में अधिसंख्य शिक्षक संवर्ग ने नकार दिया है, प्रदेश के बलरामपुर, कबीरधाम, मुंगेली, दंतेवाड़ा जैसे जिले में मात्र 6% शिक्षक संवर्ग ही हड़ताल पर गए है।

संजय शर्मा ने कहा है कि हड़ताल में शामिल शिक्षको का भी हौसला टूट रहा है, परेशान होकर कुछ लोग स्कूल पहुंचकर बिलासपुर कन्या सरकंडा व अन्य स्कूल में डयूटी कर रहे शिक्षको पर छुट्टी लेकर घर मे बैठने का दबाव बना रहे है, ये मनमानी व जबरदस्ती के खिलाफ आगे विरोध कर शिकायत पुलिस में दिया जाएगा।

पहले से ही हजारो शिक्षको ने हड़ताल की सूचना स्कूल में नही दी है, तभी समझ आने लगा था इस हड़ताल को शिक्षक पूर्ण समर्थन नही देंगे, आज शिक्षक वर्ग हड़ताल में शामिल होकर ठगा महसूस करने लगा है, उन्हें लगने लगा है कि 6% का महंगाई भत्ता अभी ही जारी किया गया है ऐसे में तुरन्त इसी मुद्दे पर हड़ताल करना ठीक नही, वे अपने मूल मांग के लिए एकजुट होना चाहते है।

हड़ताल का हम भी नैतिक समर्थन करते है, किन्तु 6% की घोषणा के पहले 25 जुलाई से ही हड़ताल करना था या 6% की अभी घोषणा के बाद आगे समय देकर समयांतर में हड़ताल करना उचित था, यह तो जिद की हड़ताल है, जिसके कारण ही तीनो शिक्षक संघ शामिल नही है।शिक्षक संवर्ग द्वारा DA व HRA के लिए 25 जुलाई से किये गए अनिश्चितकालीन आंदोलन के दौरान फेडरेशन ने अपने हड़ताल को निश्चितकालीन मानकर आगे नही बढ़ाया, जिससे अब मात्र 6% DA जारी हुआ, फेडरेशन की बड़ी चूक यही थी कि कर्मचारियों की भावना अनुरूप समय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय नही लिया गया और अंततः कर्मचारियों का बड़ा नुकसान हो गया।

संजय शर्मा ने कहा है कि एल बी संवर्ग के शिक्षको के प्रथम नियुक्ति तिथि से गणना कर पूर्ण पेंशन, (वेतन विसंगति) सहायक शिक्षक को व्याख्याता – शिक्षक के समानुपातिक वेतन, प्रथम नियुक्ति से क्रमोन्नति, अवरुद्ध पदोन्नति के विषय पर एकजुट होकर निष्पक्ष बैनर, सामूहिक नेतृत्व व समान भूमिका में काम करना होगा, एल बी संवर्ग के शिक्षको की विभागीय बड़ी बड़ी समस्या है, पूर्व के नियमित ई व टी संवर्ग को पूर्ण पेंशन प्राप्त है, सहायक शिक्षक 1% भी नही है तो वेतन विसंगति की बात नही है, उन्हें प्रथम नियुक्ति के आधार पर क्रमोन्नति मिल ही रहा है, नियमानुसार पदोन्नति मिल रही है तो उन्हें विभागीय मुद्दे पर समस्या ही नही है वही शिक्षक, प्राचार्य व प्रधान पाठक एल बी संवर्ग के शिक्षको को इस हड़ताल में शामिल होने दबाव दे रहे है, इसका हम विरोध करते है, स्वेच्छा से हड़ताल में शामिल होने वाले शिक्षको की अपनी समझ है, इसके लिए वे स्वतंत्र है।

संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, विकास राजपूत ने कहा है कि शिक्षकीय मुद्दे पर एकजुट होकर निष्पक्ष बैनर, सामूहिक नेतृत्व व समान भूमिका में शिक्षक हित हेतु छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, शालेय शिक्षक संघ, नवीन शिक्षक संघ वर्तमान हड़ताल से पृथक है।

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