नाबालिग से गैंगरेप-हत्या, 2 को उम्रकैद

कोण्डागांव। नाबालिग से गैंगरेप-हत्या के आरोप में 2 आरोपियों को आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा कोर्ट ने सुनाई है। इस प्रकरण में शासन की ओर हेमंत गोस्वामी, विशेष लोक अभियोजक(पास्को) ने पैरवी की। आरोपियों ने पहले नाबालिक से रेप किया, फिर दुपट्टे से गला घोट दिया। आरोपी कमलेश नेताम (23) बोरगांव नवापारा थाना फरसगांव और सोनाराम नेताम (28) नालाझर थाना फरसगांव पर न्यायालय में दोष सिद्ध हुआ। प्रकरण के संबंध में विशेष लोक अभियोजक हेमंत गोस्वामी ने बताया कि 9 मई 2019 के समय रात्रि 8 बजे से 10 मई 2019 के प्रात: 7 बजे के बीच घटना स्थल ग्राम पुसापाल सरईपाल पारा चैन सिंह के खेत में, थाना फरसगांव जिला कोण्डागावं क्षेत्रानतर्गत में नाबालिग पीडि़ता उम्र 17 वर्ष को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गये एवं बलात्कार किये एवं नाबालिग पीडि़ता के दुपट्टे से उसका मुंह दबाकर, गले को मरोडकर उसकी हत्या किये ।

विवेचना के दौरान मृतिका के मोबाईल पर घटना दिनांक को अधिक कॉल्स आने वाले फोन नंबर का लोकेशन साइबर सेल के माध्यम से प्राप्त कर आरोपी कमलेश नेताम का मोबाईल नंबर होने से उससे बुलाकर पूछताछ करने पर बताया कि अपने साथ सोनराम नेताम के साथ मृतिका को उसके घर से बुलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाये और उसकी हत्या कर देना बताया गया। आरोपी कमलेश के नेताम के मेमोरण्डम कथन के अनुसार आरोपीगण कमलेश नेताम एवं सोनराम नेताम के विरूद्ध धारा 363, 376(घ), 302 भा.द.सं. एवं धारा 4,6 पॉक्सो एक्ट जोडक़र अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया । संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया ।

कोण्डागांव जिले के अपर सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी.(पॉक्सो), कोण्डागंाव के न्यायाधीश कमलेश कुमार जुर्री ने प्रत्येक आरोपीगण को धारा 363 भादवि के अंतर्गत 07 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000.00रू. अर्थदण्ड, अर्थदण्ड के व्यतिक्रम पर 1 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास, धारा 363 302, 34 भादिव एवं धारा 42 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2018 में प्रावधानित आनुकल्पिक दण्ड की व्यवस्था अनुसार धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालाकें का सरंक्षण अधिनियम 2012 एवं धारा 376(घ) 376(क) भादवि में से धारा 376(क) भादवि में दिये गये दण्ड की मात्रा, धारा 376(घ) भादवि एवं धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 से गुरूत्तर होने के कारण आरोपीगण को धारा 376(क) भादवि में आजीवन कारावास की सजा और 1000-1000 रू. के अर्थदण्ड एवं धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास की सजा और 1000-1000 रू. के अर्थदण्ड, अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं होने के व्यतिक्रम पर क्रमष: 01-01 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास पृथक से भुगतने का आदेश पारित किया गया है।

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