सचिवों ने किया साढ़े सात लाख रूपयों का घोटाला..जांच में खुलासा..सीईओ ने किया निलंबित..वसूली का आदेश

बिलासपुर—जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने तत्कालीन लिटिया ग्राम पंचायत सचिव पोलोदास कुर्रे और केशव यादव को लाखों रूपया भ्रष्टाचार करने के आरोप में निलंबित कर दिया है। जिला पंचायत शिवानी ने बताया कि दोनो सचिव इस समय अलग अलग ग्राम पंचायत में सचिव पद पर नियुक्ति है। दोनो को निलंबित कर कोटा जनपद पंचायत से अटैच किया गया है। गबन की गयी राशि की वसूली दोनो सचिवों से किए जाने का भी आदेश दिया गया है।

            जिला पंचायत अधिकारी शिवानी सिंह ने बताया कि लिटिया ग्राम पंचायत में अलग अलग समय में पदस्थ  तत्कालीन सचिव पोलोदास कुर्रे और केशव यादव को 7 लाख 44 हजार 963 रूपये राशि गबन करने के आरोप में सस्पेन्ड किया गया है। आरोपी पोलोदास कुर्रे इस समय कोटा जनपद पंचायत स्थित छेरकाबांधा में सचिव के पद पर कार्यरत है। जबकि केशव यादव इस समय ग्राम पंचायत कुवारीमुड़ा में सचिव है।

                                    लिटिया ग्राम पंचायत में लाखों रूपयों की धोखाधड़ी की शिकायत के बाद सीईओ ने टीम का गठन कर जांच का आदेश दिया। जांच के दौरान टीम ने पाया कि पोलोदास कुर्रे ने लिटिया ग्राम पंचायत सचिव रहने के दौरान 3 लाख 35 हजार 718 रूपयों का गबन किया है। इसके अलावा केशव यादव ने भी लिटिया सचिव रहते हुए 4 लाख 9 हजार 245 रूपयों का घोटाला किया है।

        शिवानी सिंह ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि दोनो ने अलग अलग समय मे सचिव रहते हुए ग्राम पंचायत को प्राप्त वित्त आयोग की एक करोड़ 48 लाख 9 हजार 926 रूपयों में से घोटाला को अंजाम दिया है। दोनो सचिवों को कोटा जनपद पंचायत से अटैच किया गया है। 

                 जानकारी देते चलें कि ग्राम पंचायत में करीब डेढ़ करोड़ का घोटाला हुआ है। इसमें दोनो सचिवों के अलावा सरपंच की भूमिका संदिग्ध है। ग्रामीणों के अनुसार सरपंच के सहयोग से ही घोटाला संभव है। इसलिए हमारी मांग है कि सरपंच के खिलाफ भी शासन कार्रवाई करे। 

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