VIDEO-पूर्व मंत्री ने लगाया बारदाना कालाबाजारी का आरोप..अमर अग्रवाल ने कहा-अपनी कारगुजारियों को ना थोपे..बताएं कहां गया 3.5 लाख मीट्रिक टन चावल

बिलासपुर—- भाजपा का कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने आज विधानसभा स्तरीय आयोजित आंदोलन में भूपेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। अमर अग्रवाल ने कहा कि सरकार पहले यह बताए कि साढ़े तीन लाख मीट्रिक टन चावल कहां है। अपनी कमजोरियों और बदनीयति को केन्द्र सरकार पर ना थोपे। पहले यह बताएं कि उन्होने बारदाना का आर्डर दिया भी था या नहीं। क्योंकि हमें अच्छी तरह मालूम है कि वारदाना की कालाबाजारी बिना सरकार के मिली भगत से संभव नहीं है।

73 साल से किसानों की अनदेखी

                               प्रदेश समेत बिलासपुर विधानसभा में भी भाजपा का प्रदेश सरकार को घेरने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आंदोलन किया गया। पुराना बस स्टैण्ड स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौक पर भाजपा नेताओं समेत अमर अग्रवाल ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान अमर अग्रवाल ने दो टूक कहा कि आजादी के 73 साल हो चुके हैं। लेकिन कांग्रेस ने कभी भी किसानों को केन्द्र में रखकर कोई काम नहीं किया। अब चूंकि किसानों में नाराजगी  बढ़ गयी है। तो कांग्रेस नेताओं की किसानों की याद आ रही है। लेकिन पिछले 6 साल में जितना केन्द्र की भाजपा सरकार ने किसानों के लिए काम किया शायद ही कभी कांग्रेस ने किसान हित में कुछ किया हो।

एजेन्डा में किसान नहीं

              इस दौरान अमर अग्रवाल ने बड़ी सभा को संबोधित किया। बाद में पत्रकारों से उन्होेने बातचीत भी की। सवाल जवाब के दौरान अमर अग्रवाल ने कहा कि आज प्रदेश का किसान भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार के खिलाफ धरने में बैठा है। आजादी के बाद से अभी तक कांग्रेस के एजेन्डे में किसान कभी नही रहा।

नीयत में खोट..गंगाजल उठाकर शपथ

             उन्होेने कहा कि राजनीतिक कारणों से साल 2018 में कांग्रेस ने सत्ता हासिल करने बड़ी बड़ी घोषणाओं के साथ जनघोषणा पत्र किया। लेकिन किसानों ने तब भी विश्वास नहीं किया। क्योंकि किसान के चरित्र से अच्छी तरह जानते थे। फिर कांग्रेस नेताओं ने किासनों को विश्वास दिलाने गंगाजल उठाकर कसम खाया। किसान भ्रम में फंस गया। आज वहीं हो रहा है। जिस बात को लेकर किसानों को आशंका थी। सरकार अब अपने वादे से हट रही है। सरकार कोई ना कोई बहाना बनाकर, घुमावदार रास्ता तैयार कर किसानों से धान खरीदना नहीं चाहती है। पैसा बचा रही है।

धान नहीं खरीदने का बहाना

                अमर ने कहा कि सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 2500 रूपए देने का वादा किया। फिर रूपए देते समय चार किश्त कर दिया। अभी तक पिछले साल का मात्र तीन किश्त ही किसानों को मिला है। एक किश्त अभी भी बाकी है। अमर ने बताया कि सरकार रकबा कम कर किसानों से कम से कम धान खरीदना चाहती है

वारदाना का आर्डर नहीं दिया

                  पूर्व मंत्री ने कहा सरकार की नियति में खोट है। किसानों से धान नहीं खरीदने पड़े..इसलिए बारदाना का कृतिम शार्टेज किया गया है। सच्चाई तो यह है कि राज्य सरकार ने वारदाना का आर्डर ही नहीं दिया। जब आर्डर नही दिया गया तो वारदाना कहां से आएगा। अब राज्य सरकार अपनी गलती छिपाने केन्द्र सरकार पर वारदाना नहीं दिए जाने का आरोप लगा रही है। यह बात हास्यास्पद है..क्योंकि वारदाना आपूर्ति में केन्द्र सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है।

नहीं किया गया भुगतान

                        भाजपा नेता ने आरोप लगाय कि सरकार के दिशा निर्देशों पर ही सहकारी समितियों में जान बूझकर धान का जमाव कर कृतिम परेशानियों को पैदा किया जा रहा है। जबकि राज्य सरकार के पास नान के गोदाम है। गोदाम पूरी तरह से खाली है। 35 लाख मिट्रिक टन चावल जमा किया जा सकता है। अब तो एफसीआई ने भी चावल लेने का आदेश दिया है। फिर भी किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। पिछले 20 दिनों से किसानों को भुगतान भी नहीं किया गया है। जबकि किसानों को इस तरह की परेशानी कभी भाजपा सरकार के कार्यकाल में नहीं देखने को मिली थी। 

वारदाना की कालाबाजारी

                                         एक सवाल के जवाब मे अमर ने कहा कि पिछले साल सरकार को 28 लाख मीट्रिक टन चावल गोदाम में जमा करना था। आज तक साढ़े तीन लाख टन चावल नहीं जमा किया गया है। कांग्रेस सरकार को बताना चाहिए कि आखिर साढे तीन लाख मीट्रिक टन चावल गया कहां। 

              क्या वारदाना की कालाबाजारी हो रही है..सवाल के जवाब में अमर ने दावा किया कि इसमें सच्चाई है। वारदाना की कालाबजारी सरकार के सहयोग से हो रही है। 

 उग्र आंदोलन की धमकी

                                       किसानों का ध्यान भटकाने के लिए आंदोलन किया जा रहा है। अमर ने कहा कि कृषि कानून राष्ट्रीय मुद्दा है। यहां राष्ट्रीय मुद्दा की बात नहीं है। राज्य सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। अन्याय को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार अब भी किसानों के साथ न्याय नहीं करती है। तो आने वाले समय में किसानों के साथ भाजपा के नेता और कार्यकर्ता उग्र आंदोलन करेंगे। सड़क पर उतर कर किसानों के हित में जंग लड़ेंगे। सभा के बाद अमर अग्रवाल समेत अन्य बीजेपी नेताओं ने जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन पत्र दिया। सीटी मजिस्ट्रेट तुलाराम भारद्वाज ने ज्ञापन लिया।

 

Comments

  1. By Rohit Jaiswal

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