20 साल बाद पूरा हुआ शिक्षाकर्मियों का सपना…शिवराज ने दिया संविलियन का तोहफा…छग में भी इंतजार

IMG-20180121-WA0080भोपाल / बिलासपु–मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पैरा शिक्षकों को शिक्षा विभाग में संविलियन का एलान किया है। शिक्षा विभाग में संविलियन की घोषणा के बाद प्रदेश के लाखों शिक्षाकर्मियों में उत्सव का माहौल है। इधर रायपुर में प्रांताध्यक्ष बनने के बाद संजय शर्मा ने संविलियन की मांग को लेकर फिर से संघर्ष का एलान किया है। अमित नामदेव ने भी छत्तीसगढ़ सरकार पर दबाव बनाने की घोषणा की है।

                          मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने प्रदेश के सभी अस्थायी शिक्षकों को शिक्षा विभाग में संविलियन का एलान किया है। उन्होने कहा कि अब कोई भी अलग अलग नाम से शिक्षक नही रहेगा। सभी लोग शिक्षक बनकर प्रदेश के छात्रों का भविष्य संवारगे। प्रदेश में अब केवल एक ही विभाग होगा जिसका नाम शिक्षा विभाग है।
                      मालूम हो कि पिछले 14 दिसम्बर 2017 को सीएम हाउस भोपाल में हुई  बैठक मे विस्तृत चर्चा के बाद सरकार की तरफ से निर्णय आने से पहले ही शिक्षाकर्मी आंदोलन पर चले गए। उग्र आंदोलन के दौरान 20 वर्षो से संविलियन की मांग कर रहे महिला और पुरूष शिक्षाकर्मियोंं ने सिर मुंडवाकर विरोध आक्रोश जाहिर किया था। इस बात को लेकर प्रदेश और देश में शिवराज की किरकिरी हुई थी।
                पैरा शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक एचएन नरवरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने रविवार को कहा कि प्रदेश में केवल शिक्षा विभाग होगा। सभी पैरा शिक्षकों को शिक्षा विभाग में संविलियन किया जाएगा।
                               घोषणा के दौरान पैरा शिक्षक संघ के नेता एच एन नरवरिया, भरत भार्गव , महेंद्र पांडे बाबूलाल मालविय,महेश भादे, बी के शुक्ला,मुक्ति रॉय,अशोक झक्वालिया जी,ताराचंद भलावी रमेश पाटिल सुनील मिश्रा अखिलेश पांडेय,प्रज्ञा तिवारी,राजकुमारी पांडेय,शकुन्तला तोमर,सतेंद्र तिवारी,राजेंद्र मनसारे,रमाकांत शुक्ला,अनिल शुक्ला,उषा इंगले कविता डेहरिया जी  राजेश शिंदे माया शर्मा,मुकेश परमार,समेत कई शिक्षक मौजूद थे।
शिक्षकों में जश्न का माहौल
                     मध्यप्रदेश पैरा शिक्षक अध्यापक संघर्ष समिति के नेता सदस्य हीरानंद नरबडिया ने बताया कि सीएम शिवराज सिंह चौहान की घोषणा का  स्वागत करते है। उन्होंने ने कहा है कि सभी सुविधाएं नियमित शिक्षको की तरह होगी। मांग पूरी होने पर सभी शिक्षकों में खुशी है। फैसले से छत्तीसगढ़ सरकार  पर भी दबाव बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ के सभी शिक्षाकर्मी देर सबेर पूर्णकालिक शिक्षक जरूर बनेंगे।
            नरव़डिया ने बताया कि हम लोग रविवार को भोपाल में तीन बड़े शिक्षक संघो के साथ संकल्प रैली निकालने वाले थे। इस बीच शिवराज सिंह चौहान ने अचानक अस्थाई शिक्षको को सीएण आवास बुलाया और संविलियन का एलान किया।
 मध्यप्रदेश की तर्ज पर संघर्ष– संजय
            मध्यप्रदेश में अस्थायी शिक्षकों को शिवराज सिंंह चौहान ने तोहफा दिया है। छत्तीसगढ़ के सभी शिक्षाकर्मी इसके लिए बधाई देते हैं। अब छत्तीसगढ़ के सभी शिक्षाकर्मी साथी कुछ ऐसी रणनीति तैयार करेंगे कि प्रदेश सरकार को हमारी मांग को मानना पड़े। संजय शर्मा ने कहा अब मध्यप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी संविलियन के लिए संघर्ष किया जाएगा। आंदोलन की रूप रेखा कुछ मध्यप्रदेश की ही तरह होगी। हमारी मांग को भी सरकार को मानना होगा।
अब छत्तीसगढ की बारी—अमित

 नवीन शिक्षाकर्मी संघ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमित कुमार नामदेव ने मध्यप्रदेश में शिक्षाकर्मियों का शिक्षा विभाग में संविलियन का स्वागत किया है। उन्होने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को साधुवाद दी है। लम्बे संघर्ष के बाद मिली सफलता के लिए सभी शिक्षाकर्मियों को बधाई भी दी है। नामदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को भी प्रदेश के एक लाख 80 हजार शिक्षाकर्मियों के हित में फैसला लेना होगा। नियमित शिक्षकों के समान वेतनमान और सेवा शर्तों के साथ मूल शिक्षा विभाग में शिक्षाकर्मियों को संविलियन करना होगा। इसके लिए हम लोग एक बार फिर प्रदेश सरकार पर दबाव बनाएंगे।

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