नई स्वास्थ्य योजनाओं में शासकीय अस्पतालों में उपलब्ध इलाज निजी अस्पतालों में नहीं,ट्रस्ट मोड से इलाज की राशि जाएगी शासकीय अस्पतालों के खाते में

रायपुर।छत्तीसगढ़ ने डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना लागू होने के बाद यूनिवर्सल हेल्थ केयर की दिशा में कदम और तेज कर लिए हैं। ट्रस्ट मोड पर संचालित इन दोनों योजनाओं के माध्यम से शासकीय अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही लोगों के निःशुल्क इलाज, जांच और दवाईयों की व्यवस्था के लिए आर्थिक मजबूती का रास्ता खोला गया है। इन दोनों योजनाओं में शासकीय अस्पतालों में उपलब्ध इलाज के लिए निजी अस्पतालों की सेवाएं नहीं ली जाएंगी। इलाज के एवज में शासकीय अस्पतालों को मिलने वाली राशि से वहां की व्यवस्थाओं का सुदृढ़ीकरण और विस्तार किया जाएगा।सीजीवालडॉटकॉम न्यूज़ के व्हाट्सएप् से जुडने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये

प्रदेश में 1 जनवरी 2020 से डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना लागू की गई है। पहले ही दिन से मरीजों को इनका लाभ मिल रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा, संजीवनी सहायता कोष, मुख्यमंत्री बालहृदय सुरक्षा, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) एवं मुख्यमंत्री बाल श्रवण जैसी पूर्ववती योजनाओं की कमियों और खामियों को इन योजनाओं में दूर किया गया है।

पहले मलेरिया, डायरिया, टाइफाइड एवं टिटनेस जैसी बहुत सी बीमारियों का इलाज निजी अस्पतालों में होता था जिनका इलाज शासकीय अस्पतालों में भी आसानी से उपलब्ध है। अब इस तरह के सभी उपचार शासकीय अस्पतालों में ही होंगे। पूर्ववर्ती योजनाओं के अंतर्गत निजी क्षेत्र में होने वाले 180 उपचार और प्रक्रियाएं (Procedures) ऐसी हैं जिनकी सुविधाएं शासकीय अस्पतालों में भी मौजूद हैं। इन उपचारों व प्रक्रियाओं के पैकेज को शासकीय अस्पतालों के लिए आरक्षित किया गया है। नई योजनाओं के तहत ये सभी इलाज सरकारी अस्पतालों में होने से निजी क्षेत्र को मिलने वाली राशि अब शासकीय अस्पतालों को मिलेगी। इससे उन्हें एक बड़ा बजट मिलेगा।

एएसडी, वीएसडी के उपचार में समस्या नहीं, कुछ और अस्पतालों में भी जल्द शुरू होगी सुविधा

पूर्व में मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना के माध्यम से हृदय में छेद संबंधी (एएसडी, वीएसडी) बीमारियों का उपचार निजी अनुबंधित अस्पतालों में कराया जा रहा था। अब इन दोनों बीमारियों का उपचार रायपुर मेडिकल कॉलेज, एम्स रायपुर और नवा रायपुर के सत्य सांई अस्पताल में होगा। इलाज में ज्यादा खर्च आने पर मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से पूरी राशि उपचार के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। पहले निर्धारित पैकेज से अधिक खर्च आने पर अन्य राज्यों में उपचार की स्थिति में राशि दिलाने में दिक्कत आती थी।रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के साथ ही प्रदेश के छह अन्य शासकीय चिकित्सालयों में भी एएसडी और वीएसडी के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही डी.के.एस. सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में भी यह सुविधा शुरू होगी।

आपात स्थिति का पूरा ध्यान, मरीजों को नहीं होगी परेशानी

डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत शासकीय अस्पतालों के लिए पैकेज आरक्षित करते समय आपात स्थिति का पूरा ध्यान रखा गया है। हर तरह की आपात स्थिति पर अच्छी तरह विचार कर शासकीय अस्पतालों के लिए 180 पैकेजों को आरक्षित किया गया है। इससे मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी। शासकीय अस्पतालों में इलाज के लिए की गई तथा की जा रही आरक्षित बीमारियों में आपात स्थिति वाली बीमारियां नहीं के बराबर है।

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