स्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को दो राष्ट्रीय पुरस्कार,मातृ मृत्यु दर में कमी-प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में बेहतर प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ पुरस्कृत

नईदिल्ली।स्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को दो राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है। मातृ मृत्यु दर में कमी और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में बेहतर प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को  पुरस्कृत किया गया है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को ’’आई प्लेज फॉर 9 अचीवर्स अवार्ड’’  से नवाजा गया है। यह अवार्ड आज नई दिल्ली में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा के हाथो प्राप्त किया।

प्रदेश की तीन निजी चिकित्सको को भी ’’आई प्लेज फॉर 9 अचीवर्स अवार्ड’’  से सम्मानित किया गया है। इनमेें बिलासपुर जिले की दो स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गीतिका शर्मा एवं डॉ. सुपर्णा मिश्रा तथा रायपुर जिले की डॉ. पूजा उपाध्याय शामिल है। इस अवसर पर केेन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, श्रीमती अनुप्रिया पटेल सहित राज्यों से आए स्वास्थ्य मंत्रीगण उपस्थित थे।

पीएमएसएमए का मुख्य उद्देश्य महिला का प्रसव पूर्व जांच कर उच्च जोखिम वाले गर्भवती महिला का उपचार एवं सुरक्षित प्रसव कराया जाकर मातृ एवं शिशु मृत्यु की दर को कम करना है। छत्तीसगढ में प्रत्येक माह की नौ तरीख को अभियान के तहत विशेष जांच व ईलाज कैम्प लगाकर सुरक्षित मातृत्व और इससे जुडे़ तथ्यो से गर्भवती महिलाओ को अवगत कराया जाता है। इसमें महिला चिकित्सको द्वारा इनकी जांच की जाती हैं, जोकि पूरी तरह निःशुल्क है।

इसमें गर्भवति महिला के लिए खुन की जांच, पेशाब की जांच, रक्तचाप, शुगर इत्यादि जांचो सहित आवश्यक औषधियों की निःशुल्क सेवाए उपलब्ध कराई जा रही है।ज्ञात हो की़ देश में मातृ मृत्यु दर में कमी दर्ज करने में भी छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य रहा हैं। वर्ष 2011-13 की एसआरएस रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु दर 221 प्रति एक लाख जीवित जन्म थी। छत्तीसगढ़ में 48 मातृ मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई।  प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में 258 निजी चिकित्सकों ने अपनी भागीदारी देने के लिए पंजीयन कराया हैं।

इस योजना में अब तक 4 लाख 19 हजार के आसपास गर्भवती महिलाओ को लाभ दिया जा चुका हैं। वर्तमान में शिशु मृत्यु दर वर्ष 2003 में 70 प्रति एक हजार जीवित जन्म से कम होकर वर्ष 2017 में 39 प्रति एक हजार जीवित जन्म हो गया हैं।इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, उप संचालक डॉ. अलका गुप्ता उपस्थित थी

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