नाराज कांग्रेस नेता रमेश कौशिक ने कहा…मेरा साथ हुआ अन्याय…गीतांजली कौशिक को मिलना चाहिए टिकट

बिलासपुर—बेलतरा टिकट एलान के बाद कुर्मी समाज के नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है । जिला कुर्मा समाज अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश कौशिक ने पत्रकार वार्ता में कुर्मी समाज के साथ कांग्रेस आलानेताओं पर अनदेखी का आरोप लगाया है। रमेश कौशिक ने कहा कि सर्वे और कार्यकर्ताओं के समर्थन के बाद भी उन्हें टिकट नहीं दिया जाना समझ से परे है। अब क्या कुछ किया जाएगा…इसका फैसला कुर्मी समाज के सदस्य और नेता तय करेंगे।

               बेलतरा से टिकट कटने के बाद कुर्मी समाज के जिला प्रमुख और कांग्रेस नेता रमेश कौशिक समाज के नेताओं के साथ प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत की। अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए रमेश कौशिक ने कहा कि मुझे नहीं मालूम क्यों टिकट नहीं दिया गया। लेकिन समाज के लोग टिकट कटने से परेशान और दुखी हैं। जबकि बेलतरा के सभी समाज के लोगों का उन्हें समर्थन भी हासिल है। बावजूद इसके अभी तक एक भी टिकट कुर्मी समाज को नहीं दिया गया। आखिर सर्वे में आगे होने के बाद भी टिकट क्यों काटा गया..इसका पता लगाउंगा। इसके पीछे क्या रणनीति होगी मालूम हो जाएगा।

                         क्या निर्दलीय होकर चुनाव लड़ेंगे के सवाल पर रमेश कौशिक ने कहा कि इसका फैसला कुर्मी समाज की बैठक में होगा। समाज से जो भी आदेश होगा उसका पालन करूंगा। उन्होने कहा कि किसी को टिकट मिलने से उन्हें नाराजगी नहीं है…नाराजगी इस बात को लेकर है कि जनमत को आखिर क्यों दरकिनार किया गया।

               पत्रकार वार्ता में कुर्मी नेता निर्मल नायक ने कहा कि एक दिन पहले भ्रामक जानकारी पढने को मिली कि जिले में मात्र पांच प्रतिशत कुर्मी समाज के लोग है। जबकि इस खबर में किसी प्रकार की सच्चाई नहीं है। जबकि जिले में 12 प्रतिशत से अधिक और प्रदेश में कुल आबादी की 20 प्रतिशत से अधिक जनता कुर्मी समाज से है। बावजूद इसके कांग्रेस ने एक भी टिकट कुर्मी समाज को नहीं दिया गया है। निर्मल ने संभावना जाहिर की कि शायद गलत रिपोर्ट के कारण कांग्रेस के बड़े नेताओं ने टिकट नहीं दिया है।

                     रमेश और निर्मल समेत अन्य कुर्मी नेताओं ने कहा कि अभी 15 सीट का एलान होना बाकी है उम्मीद है कि कम से कम दो या नतीन टिकट कुर्मी समाज को मिलेगा। रमेश कौशिक ने कहा कि यदि गीतांजली कौशिक को बिल्हा से टिकट दिया जाता है तो उन्हें एतराज नहीं है। हमें कुर्मी समाज के साथ न्याय चाहिए। फिलहाल आगे की रणनीति क्या होगी इसका फैसला समाज को करना है।

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