10 लाख बेरोजगारों को मिलेगा काम..बैठक में जनघोषणा पत्र पर हुई चर्चा…नियमित होंगे 2 साल पुराने शिक्षाकर्मी…?

बिलासपुर— शिक्षाकर्मी नेता अमित नामदेव ने बताया कि नई सरकार शिक्षाकर्मियों के हितों को लेकर ना केवल गंभीर है। बल्कि पहली ही बैठक में सरकार ने शासन के सामने जनघोषणा पत्र रखकर जनहित के प्रति संवेदनशीलता को जाहिर किया है। शपथ कार्यक्रम के बाद 20 दिसम्बर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान अधिकारियों ने जनघोषणा पत्र पर गंभीरता से  विचार विमर्श किया।

                     शिक्षाकर्मी नेता अमित नामदेव ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि नई सरकार शिक्षाकर्मियों के प्रति संवेदनशील है। उम्मीद है कि जनघोषणा पत्र में शामिल शिक्षाकर्मियों के मुद्दे को गंभीरता से लेगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पहले ही बैठक के दौरान शिक्षाकर्मियों समेत अन्य मुद्दों पर गंभीरता से विचार विमर्श किया गया है। उम्मीद है कि जनघोषणा पत्र के अनुसार 2 साल पूरा कर चुके सभी शिक्षाकर्मियों को नियमित कर दिया जाएगा।

                  बताते चलें कि सीएम शपथ कार्यक्रम के बाद 20 दिसम्बर को प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में मंत्रालय के अधिकारियों की दोपहर 12 बजे महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस सरकार की जनघोषणा पत्र पर अधिकारियों ने गहन विचार विमर्श किया। इस दौरान मंत्रालय के सभी अपर मुख्य सचिव,प्रमुख सचिव,सचिव और विशेष सचिव विशेष रूप से मौजूद थे।

घोषणा पत्र पर बिन्दुवार चर्चा

              बैठक में कुल 17 विभागों से जुड़ी योजनाओं और बिन्दुओं पर अधिकारियों ने विस्तार से जनघोषणा पत्र को केन्द्र में रखकर चर्चा की। जनघोषणा पत्र को अमल में लाने के लिए मंथन किया। इस दौरान सहकारिता विभाग,खाद्य विभाग, ऊर्जा,कौशल उन्नयन, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, नगरीय निकाय, राजस्व, पंचायत, वन, आबकारी, ग्रामीण विकास, राजस्व,जल संसाधन, उद्योग और कृषि विभाग से जुड़ी तमाम घोषणाओं को गंभीरता से लिया गया।

                           चर्चा के दौरान  जनघोषणा पत्र के अनुसार दो साल कार्यकाल पूरा कर चुके शिक्षाकर्मियों का नियमितिकरण किए जाने पर विचार विमर्श भी हुआ। इसके अलावा नगरीय प्रशासन से जुड़े मुद्दे जैसे संपत्ति कर शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम पचास प्रतिशत कम किया जाने पर चर्चा हुई। वन अधिकार अधिनियम के तहत प्राकृतिक संसाधनों पर व्यक्तिगत और सामुहिक अधिकार दिए जाने पर बातचीत हुई।

          किसानों का कर्ज माफी के अलावा धान खरीदी की न्यूनतम दर 2500 रुपए,मक्का का समर्थन मूल्य 1700 रूपए और कोदो कुटकी का भी न्यूनतम दर निर्धारण पर विचार हुआ। प्रत्येक परिवार को एक रूपए की दर से 35 किलो चावल और नियंत्रित दर पर तेल,दाल,नमक चीनी और केरोसिन दिए जाने पर च्चा हुई। अधिकारियों ने इस दौरान जनघोषणा पत्र में शामिल 10 लाख बेरोजगारों को काम दिए जाने को लेकर भी चर्चा की है।

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