एक व्यक्ति नहीं विचारधारा थे महात्मा गांधी, नेहरू चौक से गांधी चौक तक निकली विचार पदयात्रा

बिलासपुर।राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150 वी जयंती के अवसर पर आज स्थनीय नेहरुचौक से देवकीनंदन स्कूल चौक ,सदरबाजार,गोलबाजार,जूना बिलासपुर, होते हुए गांधी चौक तक गांधी विचार पद यात्रा की गई।नेहरुचौक में गांधी विचार पदयात्रा को महापौर किशोर राय ने हरीझंडी दिखाकर रवाना किया।देवकिनन्दन चौक में नुक्कड़ नाटक ,सिटीकोटवाली के पास स्वच्छ्ता स्लोगन,जूना बिलासपुर चौक में गांधी के वेशभूषा में छात्रों द्वारा प्रदर्शनी एवम ग़ांधी चौक में गांधी भजन का आयोजन किया गया।यंहा पर अतिथियों ने गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रंद्धाजलि दी।गांधी विचार पदयात्रा में विधायक शैलेश पाण्डेय अटल श्रीवास्तव, नरेन्द्र बोलर,अभय राय,कलेक्टर डॉ. संजय अलंग,सी ई ओ जिला पंचायत रितेश अग्रवाल, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवम स्कूली छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।। गांधी विचार पदयात्रा के समापन सभा मे विधायक शैलेष पाण्डेय ने संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी सत्य,अहिंसा और प्रेम के पुजारी थे।वे मानव को मानव से जोड़ने का कार्य किया।स्वदेश और स्वराज्य की बात करते थे।उनके आदर्श एवं विचारधारा को आगे बढ़ाना है।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करे

प्रत्येक भारतीय मुद्रा में गांधी जी के चित्र हैं।इसके बावजूद भ्रष्टाचार कम नहीं हो रहा है।उनके विचारधारा को भुला दिया गया है।प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कंडेल पदयात्रा कर गांधी जी के आदर्श के अनुरूप चलने की प्रेरणा दी है।वास्तविक ब्यक्ति गांव में रहता है, उसके अनुरूप भारत की कल्पना कर विकसित करना है।

गांधी जी समान्य ब्यक्ति नहीं थे, वे एक महान आत्मा थे।उनके विचारधारा को आगे बढ़ाना है।उनके विचारधारा ही वास्तविक भारत है।आज गांधी जी के विचार और आदर्शों के अनुरूप चलने एवं छ. ग.को गढ़ने की जरुरत है।। कलेक्टर डॉ संजय अलंग ने कहा कि गांधी जी के आदर्श के अनुरूप सबको साथ लेकर, दोस्ती एवं भाईचारा के साथ चलें।प्रयास करें कि अंतिम ब्यक्ति को साथ लेकर चलें।गांधी जी ने समरसता और अहिंसा का संदेश दिया।उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रेत्यक ब्यक्ति को “सत्य के साथ मेरा प्रयोग ” एवं भारत का सविंधान को पढना चाहिए।गांधी जी ने अदर्श को अपने जीवन मे उतारकर दिखाया।उन्होंने आहवान किया कि प्रत्येक व्यक्ति आगे बढ़े और गांघी जी को आत्मसात करें।

कार्यक्रम मे अटल श्रीवास्तव ने कहा कि गांधी जी एक ब्यक्ति ही नहीं विचारधारा थे।उन्होंने देश की आजादी के लिए विभिन्न विचारधारा को जोड़कर अहिंसात्मक आंदोलन चलाया।सबको एक सूत्र में बंधने की कोशिश की।आज गांधी जी के आदर्शों के अनुरूप चलने की आवश्यकता है।उन्होंने गांधी जी के अफ्रीका एवं बिलासपुर यात्रा का भी उल्लेख किया।अंत में नगरनिगम के अपर आयुक्त आर.पी.वर्मा ने उपस्थितजनो के प्रति आभार ब्यक्त किया।

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