नगरीय निकाय चुनाव-आयोग ने किया स्पष्ट कैंडिडैट सहित कुल इतने व्यक्ति ही आरओ कक्ष में कर सकेंगे प्रवेश,यहाँ पढ़िये बैंक खाते को लेकर है ये निर्देश

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बेमेतरा/रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि नामनिर्देशन-पत्र प्रस्तुति के दौरान अभ्यर्थी के साथ उसका प्रस्तावक तथा नामित अन्य एक व्यक्ति कुल तीन व्यक्ति रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष में प्रवेश कर सकेंगे। आयोग द्वारा इस आशय का निर्देश राज्य के सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों (स्थानीय निर्वाचन) को जारी कर उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने यहां क्लिक करे

बेमेतरा जिले में नगर पालिका आम निर्वाचन 2019 को स्वतंत्र निष्पक्ष एवं शांति पूर्ण संपन्न कराने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिखा राजपूत तिवारी के मार्गदर्शन में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में व्यय लेखा संपरीक्षक एवं उनके सहायक अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिसमें सभी निर्वाचन व्यय संपरीक्षकों को वार्ड पार्षदों के द्वारा निर्वाचन के दौरान किए जाने वाले खर्च के व्योरा का अनुवीक्षण एवं आयोग द्वारा दिऐ गये निर्देशो तथा प्रपत्रों के संबंध में विस्तृत जानकारी पावर प्वांइट स्लाइड के माध्यम से प्रदान की गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर संजय कुमार दीवान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी संदीप ठाकुर भी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 क एवं 14 ख तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32क एवं 32ख के तहत् नगरपालिक निगम/नगरपालिका परिषद्/नगर पंचायत के पार्षद पद के निर्वाचन में प्रत्येक अभ्यर्थी का यह दायित्व है कि वह राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा विहित अनुसार निर्वाचन में हुए समस्त व्यय का पृथक और सही लेखा विशिष्टियों के साथ रखेगा तथा निर्वाचन की तारीख से तीस दिन के अन्दर अपने निर्वाचन का व्यय लेखा राज्य निर्वाचन आयोग के अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा।

आयोग के वर्तमान आदेश के अनुसार पार्षद पद के प्रत्येक अभ्यर्थी को प्रतिदिन किए जाने वाले व्यय का लेखा रजिस्टर – प्रोफार्मा-क में रखना होगा, जो अभ्यर्थी को रिटर्निंग ऑफिसर के द्वारा प्रदाय किया जायेगा।

अभ्यर्थी को नामनिर्देशन प्रस्तुत करने के पूर्व अनिवार्यतः एक बैंक खाता खोला जाना होगा। जिससे ही निर्वाचन व्यय संबंधी समस्त व्यय किए जाएं एवं प्राप्तियां भी उसी खाते में किए जाएं। अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा दिन-प्रतिदिन का व्यय लेखा संबंधित व्हाउचरों एवं देयकों के साथ नाम वापसी हेतु निर्धारित अंतिम तिथि एवं मतदान तिथि के बीच अनिवार्यतः दो बार ‘‘निर्वाचन व्यय संपरीक्षक‘‘ द्वारा निर्धारित तिथि पर जांच हेतु प्रस्तुत करना होगा। उक्त प्रशिक्षण जिले के मास्टर ट्रेनर श्री सुनील झा, व्याख्याता उ.मा.शाला अधियारखोर भानूप्रकाश सोनी व्याख्याता जेवरा के द्वारा दिया।

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