Amrit Bharat Train: वंदे भारत से कैसे अलग है ‘अमृत भारत’ ट्रेन,ये होगा शेड्यूल

Shri Mi
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Amrit Bharat Train, Ayodhya Amrit Bharat Train : भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामनगरी को आज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे समेत 16 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात दी। पीएम मोदी ने पुनर्विकसित अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने अयोध्या रेलवे स्टेशन पर दो नई अमृत भारत ट्रेनों और छह नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इससे पहले पीएम मोदी ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण भी किया। पीएम मोदी के साथ केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनि वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

Amrit Bharat Train, Ayodhya Amrit Bharat Train/पीएम मोदी ने जिन 6 नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई वो श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-नई दिल्ली, अमृतसर-नई दिल्ली, कोयम्बटूर-बेंगलुरु, मंगलूरु-मडगांव, जालना-मुंबई एवं अयोध्या-आनंद विहार टर्मिनल के बीच चलेंगी।

पीएम मोदी ने 2 नई अमृत भारत ट्रेन का शुभारंभ किया है। ये दोनों ट्रेन अयोध्या-दरभंगा एवं मालदा टाउन-बेंगलुरु के बीच चलेंगी। नई अमृत भारत ट्रेन के अंदर की फोटो सामने आई हैं। देश की पहली अमृत भारत ट्रेन (Amrit Bharat Train) आज अयोध्या से दिल्ली के लिए रवाना होगी। वंदे भारत ट्रेन (Vande Bharat Train) की तर्ज पर डिजाइन यह देश की पहली पुल-पुश ट्रेन है, जिसमें दो इंजन लगेंगे। इसमें दूसरा इंजन ट्रेन के आखिरी कोच के बाद होगा।

Amrit Bharat Train, Ayodhya Amrit Bharat Train/दोनों इंजन अमृत भारत ट्रेन को रफ्तार देंगे। इसका आगे का इंजन ट्रेन को खींचेगा, जबकि पीछे का इंजन धक्का देगा। ट्रेन 130 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सोमवार को इसकी जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी। रेल मंत्री ने बताया कि देश के सभी रूटों पर इस तरीके की ट्रेन चलाई जाएंगी। हर माह 20 से 30 अमृत भारत ट्रेनें बनाई जाएंगी।

अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, दुनिया भर में दो तरह की तकनीक रेलवे में लगती हैं। पहली डिस्ट्रीब्युटेड पावर, जिसमें हर दूसरे और तीसरे कोच में मोटर लगी होती है और ऊपर से बिजली आती है, वंदे भारत ट्रेन इसी तकनीक पर बनी है। दूसरी तकनीक पुल और पुश होता है, इसमें एक इंजन आगे लगा होता है जो ट्रेन को खींचता है और दूसरा इंजन पीछे लगा होता है जो ट्रेन को धक्का देता है।

दोनों तकनीक पर देश में अपने इंजीनियरों द्वारा ट्रेन बनाई जा रही है। डिस्ट्रीब्युटेड पावर से वंदे भारत और पुल पुश टेक्नोलॉजी से अमृत भारत ट्रेन को बनाया गया है। अमृत भारत (Amrit Bharat Train) नॉन एसी ट्रेन है, जबकि वंदे भारत (Vande Bharat Train) पूरी तरह एसी ट्रेन है। ट्रेन के कोच पूरी तरह शीशे से कवर हैं। इतना ही नहीं, ट्रेन में दोनों तरफ लगे इंजन को बेहतर किया गया है।

चालक केबिन में एयर कंडीशन लगाया गया है, जिससे चालक को ट्रेन चलाने में समस्या न हो। इस ट्रेन में कवच लगे हैं, जिससे दो ट्रेनों के टकराने की संभावना नहीं होगी। चालक के केबिन में वाइब्रेशन भी काम होगा जिससे असुविधा नहीं होगी। यात्रियों के सुविधा के लिए अच्छी सीट और चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था है। जनरल कोच में भी ऊपर वाली सीट कुशन की है, जिससे यात्रियों का सफर आरामदायक होगा।

रेल मंत्री ने कहा कि चलने के दौरान अमूमन ट्रेन धीरे और तेज होती रहती हैं। इससे कई बार झटके भी लगते हैं, जबकि पुल-पुश तकनीक में ट्रेन का एक्सीलरेशन ज्यादा होने से झटके नहीं लगते। साथ ही ट्रेन जल्द रफ्तार पकड़ लेगी। इससे समय बचेगा। यदि यह ट्रेन दिल्ली से कोलकाता तक जाती है तो करीब दो घंटे का समय बचेगा। इसके टॉयलेट में पानी कम बर्बाद होगा। उन्होंने कहा कि ट्रेन बनाने के लिए बहुत बड़े बदलाव किए गए हैं।

अमृत भारत ट्रेन में इस तरह से दो कोच के बीच सेमी परमानेंट कपलर लगाए गए हैं कि ट्रेन चलने या रुकने पर झटका नहीं लगेगा। सेमी परमानेंट कपलर के जरिये ट्रेन के दो डिब्बे एक-दूसरे से परमानेंट जुड़े होते हैं, उन्हें अलग नहीं किया जा सकता। पहले की ट्रेनों में सीबीसी कपलर लगे हैं, जिससे ट्रेन के डिब्बों को अलग किया जा सकता है।

रेलवे के सर्कुलर के अनुसार, इन ट्रेनों में रियायती टिकट और ऐसे मुफ्त पास से बने टिकट स्वीकार्य नहीं होंगे, जिनकी प्रतिपूर्ति (Reimbursement) नहीं की गई हो। सर्कुलर में कहा गया है, ‘रेलवे कर्मचारियों के लिए विशेषाधिकार पास, पीटीओ (विशेषाधिकार टिकट आदेश), ड्यूटी पास आदि से जुड़े नियम मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के समान ही होगी।

इसमें कहा गया है, ”सांसदों को जारी किए गए पास के खिलाफ टिकटों की बुकिंग, विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी रेल यात्रा कूपन (टीआरसी) और स्वतंत्रता सेनानियों के लिए बुकिंग की अनुमति होगी क्योंकि उनकी पूरी प्रतिपूर्ति (Reimbursement) की जाती है।” रेलवे बोर्ड ने रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (क्रिस) से अमृत भारत ट्रेनों और उनके किराए को दर्शाने के लिए सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव करने को कहा है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आनंद विहार टर्मिनल से दरभंगा के बीच चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस को लखनऊ के रास्ते अयोध्या से गुजारा जाएगा। रेलवे बोर्ड की ओर से ट्रेन का टाइमटेबल जारी किया गया है। हालांकि, अयोध्या से आनंदविहार वाया लखनऊ चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस का आधिकारिक शेड्यूल शुक्रवार देर रात तक भी जारी नहीं किया जा सका।Amrit Bharat Train, Ayodhya Amrit Bharat Train

दरभंगा से आनंदविहार तक चलने वाली गाड़ी संख्या 15557 अमृत भारत एक्सप्रेस दोपहर 3 बजे दरभंगा से रवाना होगी। रात 2.30 बजे अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। पांच मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन रवाना होगी। सुबह 5.05 बजे चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद कानपुर सेंट्रल, इटावा, टुंडला, अलीगढ़ जंक्शन होते हुए दोपहर 12:35 बजे आनंद विहार पहुंचेगी।

वापसी में ट्रेन नंबर 15558 अमृत भारत एक्सप्रेस आनंदविहार से दोपहर 3:10 बजे चलकर चारबाग रेलवे स्टेशन पर रात 10:10 बजे पहुंचेगी। यहां से चलकर अयोध्या धाम पर रात 1:10 बजे और सुबह 11:50 बजे दरभंगा स्टेशन पहुंचेगी। दोनों ओर से ट्रेन जनकपुर रोड, सीतामढ़ी, बैरगनिया, रक्सौल, नरकटियागंज, बाघा, कप्तानगंज, गोरखपुर, बस्ती, मनकापुर स्टेशनों पर भी रुकेगी।Amrit Bharat Train, Ayodhya Amrit Bharat Train

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