CG पदोनत्ति में अनियमितताएं,अब इस जिले में भी काउंसलिंग की मांग

सुरजपुर : प्रदेश मे सहायक शिक्षकों की प्राथमिक स्कूल के प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है जिसमे आ रहे विवाद को देखते हुए यह प्रक्रिया अब कांउसलिंग के माध्यम से कराने की रेल चल चुकी है। आलम यह है कि यह प्रक्रिया होने के बाद भी फिर से काउंसलिंग करने के निर्देश जिला कलेक्टर दे रहे है।इसी क्रम में अब
सूरजपुर जिले में भी काउंसलिंग की रेल चलाने की मांग शुरू हो गई है।

बताया जाता रहा है कि पदोन्नति की प्रक्रिया में
कई अनियमितताएं है यह भी कहा जा रहा है की यहां पर हुई पदोन्नति में लोक लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी दिशा निर्देशों की अनदेखी करके की जा रही है जिसकी वजह से आम सहायक शिक्षकों में रोष है इसी को लेकर जिले के सहायक शिक्षकों का दल आज बहुत सी संख्या में सूरजपुर कंपोजिट बिल्डिंग में एकत्र हुए जहाँ एक मजमा सा लग गया था। शिक्षको का दल कलेक्टर इफ्फत आरा से मिलने वाला था इस दौरान शिक्षको की मुलाकात जिला शिक्षा अधिकारी से हुई। उन्होंने ने शिक्षको को अस्वस्त किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जा रही है । सूची जल्द ही सार्वजनिक कर दी जाएगी।

मालूम हो कि शिक्षको की ओर से यह मांग की गई है कि जिले में हो रही पदोन्नति की प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हुई है से लेकर शिक्षकों में असन्तुष्ट है इसलिए जिले में भी कोरबा कलेक्टर जैसा निर्णय लेते हुए यहां पर भी पदोन्नति की प्रक्रिया मे रोक लगाते हुए नए सिरे से काउंसलिंग के माध्यम से प्राथमिक प्रधान पाठक के पद पर नियुक्तियां की जानी चाहिए ..!

शिक्षकों ने बताया कि काउंसलिंग ही सबसे बेहतर और पारदर्शी प्रक्रिया है इस प्रक्रिया से ही आम शिक्षकों के साथ न्याय हो सकता है।शिक्षक नेताओ का कहना कि लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशानुसार हमारे सूरजपुर जिले में पदस्थापना नहीं की गई जिसके कारण 23 वर्षों से उसी संस्था में प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे शिक्षकों को वहां पदस्थ ना करते हुए अन्यत्र दूर दराज भेज दिया गया है। इसके संबंध में सभी सहायक शिक्षक अपने अपने क्षेत्र के विधायको से माँग भी कर रहे है कि पारदर्शी प्रक्रिया जिले में होनी चाहिए।

शिक्षक नेताओं का कहना है कि सूरजपुर जिले में पदोन्नति की प्रक्रिया काउंसलिंग के माध्यम से कराने की मांग इस लिये भी और अधिक जरूरी है क्योंकि जिले में अब तक 1000 से अधिक पदों की जो पदोन्नति होनी है उसकी वरिष्ठता सूची तो जारी कर सार्वजनिक कर दी गई है लेकिन अभी तक यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है की 1,000 से अधिक जो पद है उन पदों पर किन-किन शिक्षकों को किन-किन जगहों पर पदस्थ किया गया है यहां पर आदेश एक-एक करके जारी किए जा रहे हैं। प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है जबकि प्रदेश में कई जिलों में जहां या प्रक्रिया हुई है वहां पर सब चीजें सार्वजनिक कर दी गई है।

बताये चले कि सहायक शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने पदोन्नति के नियमो में कुछ संशोधन करके बनाई थी। प्रदेश के सहायक शिक्षक प्राथमिक हेडमास्टर के पद पर पदोन्नत हो चुके है कई जिलों में पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। जो अपने साथ कथित अनियमितता का विवाद भी लाई है। इसे देखते हुए जिला कलेक्टरों ने पदोन्नति के लिए काउंसलिंग का मार्ग चुना है इसी क्रम में सबसे पहले दुर्ग संभाग के कबीरधाम जिले में यह काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हुई थी उसके बाद मामला न्यायालय में जाने की वजह से यह प्रक्रिया कुछ दिन रुकी रही सहायक शिक्षकों की प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक के पद की प्रक्रिया फिर से बाहर हो चुकी है बाजार भाटापारा पहला जिला बना जहां पर यह पदोन्नति की प्रक्रिया काउंसलिंग के माध्यम से कोई इसके बाद कोरबा जिला कलेक्टर ने पदोन्नति की प्रक्रिया में आ रही अनियमितता को देखते हुए यह निर्णय लिया कि पदोन्नत हो चुकी प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए फिर से काउंसलिंग के माध्यम से सहायक शिक्षकों की प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक पद पर संचालनालय के दिशा निर्देशों के अनुरूप पूरी प्रक्रिया कराई जाए।सूरजपुर जिले के पड़ोसी बलरामपुर जिले में भी प्रक्रिया काउंसलिंग के माध्यम से होनी है। बिलासपुर जिले में भी अब प्रक्रिया काउंसलिंग के माध्यम से ही होगी ।

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