बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास और महानगरों तक उड़ान शुरू करने 26 से फिर शुरू होगा महाधरना, बैठक में जनप्रतिनिधियों के रवैये की निंंदा

बिलासपुर । हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति की एक आवश्यक बैठक गुरूवार को राघवेन्द्र राव सभा भवन प्रांगण में की गई। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट से संबंधित विभिन्न विकास कार्यो और महानगरों तक उड़ानों के संचालन में कोई प्रगति न होने पर रोष जताया गया। साथ ही बैठक में आम सहमति से 26 अक्टूबर से पुनः आंदोलन प्रारंम्भ करने का फैसला लिया गया।

गौरतलब है कि गत 1 मार्च को बिलासपुर हवाई अड्डा 3सी वीएफआर श्रेणी के साथ संचालित होना प्रारंम्भ हुआ है। फिलहाल यहा बड़े विमान नहीं उतर सकते या रात के समय उड़ान नहीं हो सकती । हवाई अड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग भी पुरानी है जो एक ही वक्त में दो उड़ानों को हैंडल करने में सक्षम नहीं है। इनमें से नाइट लैडिंग और नयी बिल्डिंग के लिये पैसा मंजूर हुए काफी समय बीत गया है परन्तु आज तक इनके नक्शे और ड्राईग तक तैयार नहीं है। दिल्ली के लिये जाने वाली उड़ान इलाहाबाद या जबलपुर रूककर जाती है अतः लगभग साढ़े तीन घंटे का समय लेती है। साथ ही इसका किराया अक्सर 7 हजार से ऊपर चल रहा है। उपरोक्त परिस्थितियों के बावजूद केन्द्र सरकार के द्वारा भी नयी उड़ाने मंजूर करने में कोई पहल नहीं दर्शायी गयी है।

आज की बैंठक में वक्ताओं ने पुनः आंदोलन शुरू करने की आवश्यक्ता कोे रेंखाकिंत करते हुये क 26 अक्टूबर 2019 और 26 अक्टूबर 2020 की तरह इस साल भी 26 अक्टूबर से ही आंदोलन प्रारंम्भ करने को उपयुक्त बताया। बैठक में वक्ताओं ने बिलासपुर के जनप्रतिनिधियों और शीर्ष नेताओं के व्यवहार और कार्यकलाप पर प्रश्नचिन्ह चिन्ह लगाते हुये कहा कि वे बिलासपुर हवाई अड्डे के पूर्ण विकास के लिये गम्भीर नहीं है। बिलासपुर के स्थानीय जनप्रतिनिधि ने तो आज तक यहा के एयरपोर्ट से दिल्ली की उड़ान ही नहीं ली है। वहीं एक पूर्व जनप्रतिनिधि ने हाल ही में जाकर रक्षा मंत्री को बंद पड़े बिलासपुर सेना छावनी परियोजना को पुनः शुरू करने मांग की है। जबकि सेना के कब्जे की जमीन के कारण ही बिलासपुर एयरपोर्ट के रनवे विस्तार में बाधा आ रही है। जिससे 4सी श्रेणी का एयरपोर्ट बनाने में विलंब हो रहा है। बैंठक मं ऐसे सभी नेताओं के क्रियाकलाप की निंदा की गई।
अंत में एकमत से लिये गये निर्णय के अनुसार आगामी 26 अक्टूबर से पूर्णविकसित एयरपोेर्ट के लिये महा धरना शुरू किया जायेगा। प्रांरम्भ में यह धरना सप्ताह में दो दिन का होगा । परंतु सुनवाई न होने पर प्रतिदिन किया जायेगा। इसी तरह नवंबर के संसद सत्र में प्रतिनिधि मण्डल दिल्ली भी जायेगा और आवश्यक्ता होने पर दिल्ली में भी जंतर-मंतर पर धरना दिया जायेगा।

आज की बैठक में सर्व श्री किशोरी लाल गुप्ता, रंनजीत सिंह खनूजा, महेष दुबे टाटा, देवेन्द्र सिंह ठाकुर, बद्री यादव, मनोज श्रीवास, सुशांत शुक्ला, रोहित तिवारी, राघवेन्द्र सिंह, ब्रम्हदेव सिंह, समीर अहमद, कमल सिंह, नवीन वर्मा, उमेष कश्यप, केशव गोरख, नरेश यादव, चित्रकांत श्रीवास, अनिल गुलहरे, सालिक राम पाण्डेय, संतोश पीपलवा, सहबाज अली, साबर अली, अकिल अली और सुदीप श्रीवास्तव शामिल थे।

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