नोटबंदी के बाद भी मोदी जीत गए चुनाव क्‍योंक‍ि…वेंकैया नायडू ने बताई यह वज़ह

दिल्ली।सरकार ने कभी भी खुले तौर पर यह स्वीकार नहीं किया कि नोटबंदी (Demonetisation) एक गलती थी और अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने में विफल रही। हालांकि, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कम्युनिकेशन स्किल की प्रशंसा करते हुए इसका परोक्ष रूप से जिक्र किया। नायडू ने गुजरात और केंद्र में नरेंद्र मोदी के 20 साल के शासन पर एक पुस्तक का विमोचन करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, “नोटबंदी के बावजूद, अपने कम्युनिकेशन स्किल के कारण, वह चुनाव जीतने में सक्षम रहे, क्योंकि वे लोगों के साथ संवाद कर सकते थे और लोग उन पर भरोसा करते थे। इस तरह का विश्वास उन्होंने अपनी कम्युनिकेशन स्किल के कारण लोगों में बनाया है।”

उपराष्ट्रपति वेकैया नायडू ने कहा कि नरेंद्र मोदी की दृष्टि, उनके सपने और मिशन इंडिया उनकी व्यापक यात्रा और व्यावहार से प्रेरित है।उन्होंने कहा, “यह मूलभूत अंतर है जो मोदी को कई मायनों में अद्वितीय बनाता है। समकालीन समय में शायद कोई अन्य सार्वजनिक व्यक्ति नहीं है, जो मोदी के समान अनुभव रखता हो।” नायडू ने कहा कि आजादी के बाद पैदा हुए पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 20 वर्षों में आजादी के बाद के भारत के इतिहास में एक अनूठा स्थान बनाया है।

पीएम मोदी पर लिखी गई इस किताब में उनके राजनीतिक जीवन के विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई है। इसमें उनके मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल और उस दौरान की उनकी तमाम उपलब्धियों और कार्यक्रमों से लेकर देश के शीर्ष पद प्रधानमंत्री तक पहुंचने को बताया गया है। खास बात यह है कि इस पुस्तक में कई लोगों के विचार और उनके अनुभव शामिल हैं।

इनमें सुधा मूर्ति, सद्गुरु, नंदन नीलेकणी, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, दिवंगत महान गायिका लता मंगेशकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, उद्योगपति उदय कोटक, अभिनेता अनुपम खेर, बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा शामिल हैं।

पुस्तक में उनकी राजनीतिक उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए कहा गया है कि पीएम के रूप में नोटबंदी जैसा कदम उठाने पर कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने उनकी कड़ी आलोचना की थी। इसको लेकर देश भर में गंभीर प्रतिक्रिया हुई थी, उसके बावजूद उनके नेतृत्व में सरकार लगातार आगे बढ़ती रही।

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